छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 18 अगस्त 2026 को जारी प्रशासनिक आदेश के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के बड़े स्तर पर फेरबदल और नवीन पदस्थापना की गई है। इस संबंध में प्रमुख अधिकारियों की सूची और उनकी नवीन पदस्थापना का विवरण नीचे दिया गया है:
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक फेरबदल: नवीन पदस्थापना सूची
- श्री सोनमणि बोरा (1999): प्रमुख सचिव, आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा अतिरिक्त प्रभार प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को आगामी आदेश पर्यंत प्रमुख सचिव, नगरीय शासन एवं विकास विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- सुश्री आर. शंगीता (2005): सचिव, नगरीय शासन एवं विकास विभाग को आगामी आदेश पर्यंत सचिव, मंत्रालय पदस्थ किया गया है।
- श्री भुवनेश यादव (2006): सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार सचिव, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ सचिव, आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- श्री नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर (2011): कलेक्टर, जिला-कांकेर को आगामी आदेश पर्यंत संचालक, नगरीय शासन एवं विकास के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री भोसकर विलास संदिपान (2011): अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, छत्तीसगढ़ को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ प्रबंध संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- श्री रिमीजियुस एक्का (2011): संचालक, नगरीय शासन एवं विकास को आगामी आदेश पर्यंत विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए मिशन संचालक, जल-जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- श्री रणबीर शर्मा (2012): संचालक, समाज कल्याण को आगामी आदेश पर्यंत कलेक्टर, जिला-गरियाबंद के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री जगदीश सोनकर (2013): प्रबंध संचालक, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम को आगामी आदेश पर्यंत विशेष सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री कुंदन कुमार (2014): कलेक्टर, जिला-मुंगेली को आगामी आदेश पर्यंत कलेक्टर, जिला-कांकेर के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री अमृत विकास तोपनो (2014): कलेक्टर, जिला-सक्ती को आगामी आदेश पर्यंत कलेक्टर, जिला-मुंगेली के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्रीमती जयश्री जैन (2016): संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को आगामी आदेश पर्यंत कलेक्टर, जिला-सक्ती के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्रीमती तुलिका जाप्रिति (2016): कलेक्टर, जिला-मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को आगामी आदेश पर्यंत कलेक्टर, जिला-कबीरधाम के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री भगवान सिंह उइके (2016): कलेक्टर, जिला-गरियाबंद को आगामी आदेश पर्यंत संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (2016): संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ प्रबंध संचालक, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- श्री गोपाल वर्मा (2016): कलेक्टर, जिला-कबीरधाम को आगामी आदेश पर्यंत संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर (2019): उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संचालक, समाज कल्याण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- सुश्री तनुजा सलाम (2019): संचालक, खेल एवं युवा कल्याण को आगामी आदेश पर्यंत कलेक्टर, जिला-मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के पद पर पदस्थ किया गया है।
- सुश्री रोमा श्रीवास्तव (2020): उप सचिव, मंत्रालय को आगामी आदेश पर्यंत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, सरगुजा के पद पर पदस्थ किया गया है।
- सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो (2020): मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर को आगामी आदेश पर्यंत उप सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए संचालक, खेल एवं युवा कल्याण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- सुश्री लीना कोसम (2020): परीक्षा नियंत्रक, लोक सेवा आयोग को आगामी आदेश पर्यंत आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री सौमिल रंजन चौबे (2021): उप सचिव, कृषि विभाग को आगामी आदेश पर्यंत प्रबंध संचालक, पर्यटन मंडल के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई (2021): अपर कलेक्टर, नारायणपुर को आगामी आदेश पर्यंत अपर कलेक्टर, बिलासपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।
- श्री विवेक आचार्य (भारतीय वन सेवा – 2006): प्रबंध संचालक, पर्यटन मंडल की सेवाएं उनके पैतृक विभाग (वन विभाग) को वापस लौटाई गई हैं।























