छत्तीसगढ़ सरकार के अधीन काम करने वाले सभी राजपत्रित (गजटेड) और गैर-राजपत्रित (नॉन गजटेड) अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक अहम आदेश जारी किया गया है। सरकारी कामकाज की कार्यसंस्कृति में सुधार लाने और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों को कामकाज के दौरान होने वाले तनाव से निपटने का प्रबंधन सीखने को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 की समयसीमा तय की गई है।
क्या हैं निर्देश और पाठ्यक्रम?
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, यह प्रशिक्षण केंद्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत (आईगॉट) कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों को दो ऑनलाइन पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे:
- ‘कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन’ (अवधि: 59 मिनट)
- इन ध्यान और योग निद्रा के माध्यम से तनाव प्रबंधन (अवधि: 1 घंटा 12 मिनट)
इन दोनों पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल की कठिन परिस्थितियों और तनाव से बेहतर ढंग से निपटने में सक्षम बनाना है।
विभागों को दी गई है कड़ी निगरानी की जिम्मेदारी
सरकार ने केवल निर्देश ही नहीं दिए हैं, बल्कि इसकी सख्त मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी तय की है। प्रदेश के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टर्स को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके अधीन काम करने वाला कोई भी कर्मचारी इस प्रशिक्षण से छूटे नहीं। सभी कार्यालयों को यह समीक्षा करनी होगी कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का कोर्स लंबित न रहे।
3 नवंबर तक भेजनी होगी रिपोर्ट
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संबंधित विभागों से पाठ्यक्रम पूरा होने की प्रगति रिपोर्ट 3 नवंबर 2026 तक निर्धारित ई-मेल आईडी के माध्यम से भेजने को कहा है। मुख्य सचिव के अनुमोदन से जारी इस आदेश में सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।


