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नई दिल्ली।
देश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक और जन-सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार बड़े बदलाव कर रही है। इसके तहत ‘स्मार्ट पीडीएस’ योजना को लागू किया गया है, जो राशन वितरण के दौरान मिलने वाली वित्तीय सहायता को जारी रखते हुए पूरी व्यवस्था को तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ती है। इस नई और आधुनिक व्यवस्था से आम नागरिकों को सही समय पर और बिना किसी परेशानी के राशन मिल सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
पिछले दस वर्षों में सरकार ने राशन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके अंतर्गत राशन व्यवस्था का पूरी तरह कंप्यूटरीकरण किया गया है ताकि अनाज की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही आम जनता की सुविधा के लिए ‘मेरा राशन’ ऐप, ‘अन्न मित्र’, ‘राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड’ और ‘अन्न सहायता’ जैसी जन-केंद्रित सेवाएँ शुरू की गई हैं, जिनकी मदद से सही और जरूरतमंद लाभार्थी तक उसकी पात्रता का लाभ आसानी से पहुँच रहा है।
1 अप्रैल 2023 से देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू यह ‘स्मार्ट पीडीएस’ योजना तकनीकी सुधारों का मुख्य आधार बन चुकी है। इस योजना के जरिए देश के सभी राशन कार्डों को पूरी तरह से डिजिटल यानी ऑनलाइन कर दिया गया है। साथ ही, राशन कार्डों को आधार से जोड़ा गया है, जिससे फर्जी राशन कार्डों को हटाने में बड़ी मदद मिली है। अब राशन दुकानों में आधुनिक ई-पीओएस मशीनें लगाई गई हैं, जिससे अंगूठा लगाने या बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन का वितरण होता है और राशन की चोरी पर पूरी तरह लगाम लगी है।
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इस पूरी कंप्यूटरीकृत व्यवस्था के तहत ऑनलाइन आवंटन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट को भी मजबूत किया गया है, जिससे अब यह आसानी से ट्रैक किया जा सकता है कि गोदाम से निकला राशन सही सलामत दुकान तक पहुँचा या नहीं। इस तकनीकी बदलाव का मुख्य उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले नागरिक को उसके हक का अनाज पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना किसी बिचौलिए की दखलंदाजी के सीधे मिल सके।

