त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम आदमी की रसोई के बजट पर महंगाई का दोहरा प्रहार हुआ है। चीनी की कीमतों में तेजी के बाद अब गेहूं के भाव में भी तीखा उछाल दर्ज किया गया है। पिछले एक महीने के भीतर अनाज मंडी में गेहूं के दाम करीब ₹200 प्रति कुंतल तक बढ़ गए हैं, जिसके चलते मंडी में गेहूं का भाव ₹2,850 प्रति कुंतल और वेयरहाउस का गेहूं ₹2,870 प्रति कुंतल के स्तर पर पहुंच गया है।
गेहूं के इस तरह महंगे होने का सीधा असर अब खुले चक्की के आटे से लेकर पैकेटबंद ब्रांडेड आटे, सूजी और मैदा की खुदरा कीमतों पर साफ दिखने लगा है।
खुले बाजार में चक्की का आटा ₹34 से ₹35 प्रति किलो बिक रहा है, जबकि 10 किलो का नॉन-ब्रांडेड आटा पैकेट ₹350 से ₹360 तक पहुंच गया है। वहीं 10 किलो वाले ब्रांडेड आटे के पैकेट की कीमत ₹390 से ₹440 तक पहुंच चुकी है, और थोक बाजार में 44 किलो की आटे की बोरी करीब ₹1,450 में मिल रही है।
कीमतों में इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं—पहला, केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात को खोलने की अनुमति देना और दूसरा, आगामी रबी सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में संभावित बढ़ोतरी की सुगबुगाहट। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि यह मौसमी उतार-चढ़ाव का हिस्सा है और बाजार में आटा, मैदा व सूजी की सप्लाई निरंतर बनी हुई है।























