रायपुर | 28 मार्च 2026
आगामी 2 अप्रैल को चैत्र मास की पूर्णिमा यानी हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आकाश मंडल में एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन ऊर्जा, साहस और पराक्रम के कारक ग्रह मंगल, मीन राशि में प्रवेश करेंगे। मीन राशि में शनि देव पहले से ही विराजमान हैं, ऐसे में शनि और मंगल का यह संबंध ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है। हनुमान जी को मंगल का अधिष्ठाता देव माना जाता है, इसलिए हनुमान जयंती के दिन मंगल का यह राशि परिवर्तन भक्तों के लिए सुख-समृद्धि के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।
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पूर्णिमा तिथि और उदया तिथि का महत्व
हनुमान जयंती का पर्व उदया तिथि के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार:
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पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 अप्रैल, सुबह 7 बजकर 6 मिनट से।
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पूर्णिमा तिथि समापन: 2 अप्रैल, सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर।
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शुभ संयोग: मंगल का यह महत्वपूर्ण गोचर संध्या 5 बजकर 38 मिनट तक हस्त नक्षत्र योग के प्रभाव में रहेगा, जो इसे और भी मंगलकारी बनाता है।
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इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, मंगल का मीन राशि में प्रवेश मुख्य रूप से चार राशियों के लिए ‘वरदान’ साबित होने वाला है। इन जातकों पर हनुमंत कृपा की विशेष वर्षा होगी:
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वृषभ (Taurus): करियर में नई ऊंचाइयां छुएंगे और पुराने निवेश से बड़ा लाभ मिलेगा।
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मिथुन (Gemini): व्यापार में भारी मुनाफा और अटके हुए कार्यों में गति आएगी।
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सिंह (Leo): पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझेंगे और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
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तुला (Libra): धन-संपत्ति में अपार वृद्धि के योग हैं और मन से हर प्रकार का भय दूर होगा।
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पुराने संकटों से मिलेगी मुक्ति
हनुमान जयंती पर बनने वाला यह दुर्लभ संयोग न केवल आर्थिक लाभ दिलाएगा, बल्कि जातकों के जीवन से पुराने संकटों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को भी दूर करेगा। साहस और ऊर्जा में वृद्धि होने से इन राशियों के जातक कठिन से कठिन कार्य को भी आसानी से पूर्ण कर सकेंगे। पंडितों का मानना है कि इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से मंगल और शनि दोनों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
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