भिलाई:
भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अध्यात्म और शिक्षा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। कथा में पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और सामान्य श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण किया। इस दौरान विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों की प्रार्थना सभाओं में मंत्रोच्चारण शुरू कराने के फैसले की व्यासपीठ से प्रशंसा की।
कथावाचक का संदेश: शिक्षा के साथ संस्कार ही गढ़ेगा सशक्त पीढ़ी
व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है; उनके भीतर संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का होना भी उतना ही आवश्यक है। स्कूलों में मंत्रोच्चारण की पहल बच्चों को अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जोड़ेगी। बचपन में मिले आध्यात्मिक संस्कार विद्यार्थियों में एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार करते हैं, जो जीवनभर उनके चरित्र को मजबूती देते हैं।
‘शिक्षा केवल नौकरी पाने का जरिया नहीं’: मंत्री गजेंद्र यादव
व्यासपीठ से मिले प्रोत्साहन पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा को मात्र आजीविका तक सीमित न रखकर चरित्र निर्माण का माध्यम बनाना ही सरकार का ध्येय है, ताकि एक संस्कारवान और सशक्त छत्तीसगढ़ की नींव रखी जा सके।
विश्व रिकॉर्ड और आस्था का महाकुंभ
जयंती स्टेडियम में 17 अगस्त से आयोजित इस कथा में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजन के संदर्भ में मुख्य बिंदु: मंत्री यादव ने आयोजन स्थल पर बने विश्व के सबसे बड़े अस्थायी पंडाल के वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए ‘बोल बम सेवा समिति’ के संयोजक दया सिंह और उनकी टीम को बधाई दी। कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ मंत्र की महिमा, भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास और नियमित जलाभिषेक के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।























