छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी बैंक खातों में धोखाधड़ी और अनधिकृत वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाने के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है।
वित्त विभाग द्वारा जारी स्थायी वित्त निर्देशों के तहत अब किसी भी शासकीय बैंक खाते में निजी या गैर-आधिकारिक ईमेल आईडी दर्ज करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, और इसके स्थान पर केवल आधिकारिक सरकारी डोमेन की ईमेल आईडी ही मान्य होगी। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सभी खातों में दर्ज ईमेल और मोबाइल नंबरों का समय-समय पर अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार के अनधिकृत बदलाव को समय रहते रोका जा सके।
इसके साथ ही, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए अब कोई भी विभाग, कार्यालय या आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) वित्त विभाग की पूर्व अनुमति के बिना नया सरकारी बैंक खाता नहीं खोल सकेगा। खातों के सुरक्षित संचालन के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि सभी शासकीय खातों का संचालन कम से कम दो अधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर यानी ‘ड्यूअल कंट्रोल’ के माध्यम से हो, और एक तय सीमा से अधिक के बड़े वित्तीय लेनदेन के लिए ‘मेकर-चेकर’ प्रणाली अपनाई जाए।
अंत में, सरकारी राशि से बनाई जाने वाली प्रत्येक सावधि जमा (एफडी) की जानकारी को सीधे बैंक से सत्यापित करना होगा और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि नियमों की अनदेखी पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जा सके।























