नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर भारतीय जनता पार्टी ने अब तक के सबसे बड़े जनसंपर्क अभियान की तैयारी कर ली है। पार्टी ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर देशभर में 15 दिनों का एक विशेष संगठन विस्तार और संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस महा-अभियान की अंतिम रूपरेखा तय करने के लिए नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय विस्तार केंद्र में पार्टी के वरिष्ठ दिग्गजों और मैदानी कार्यकर्ताओं की एक हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
जनसंपर्क के साथ मनेगा योग दिवस और बलिदान दिवस
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में हुई इस संगठनात्मक बैठक में तय हुआ कि यह देशव्यापी अभियान आगामी 5 जून से शुरू होकर 21 जून तक पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतारा जाएगा। इस दौरान पार्टी के शीर्ष नेताओं से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता गांवों और कस्बों में डेरा डालेंगे। खास बात यह है कि इस अभियान को विश्व पर्यावरण दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों से जोड़कर सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 ऐसे प्रबुद्ध और प्रभावशाली मतदाताओं की सूची तैयार की गई है, जिनसे पार्टी नेता व्यक्तिगत रूप से मिलकर सरकार के कामकाज पर उनका फीडबैक और सुझाव लेंगे। इस पूरे अभियान का समापन 23 जून से ठीक पहले होगा, जिसे भाजपा देशभर में ‘बलिदान दिवस’ के रूप में समर्पित करेगी।
22 राज्यों की सत्ता के साथ बूथ जीतो, चुनाव जीतो का मंत्र
बैठक के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बढ़ते राजनीतिक दायरे पर भी संतोष व्यक्त किया गया। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में एनडीए देश के 22 राज्यों में पूर्ण या गठबंधन सरकार चला रहा है, जो इसकी सर्वव्यापी स्वीकार्यता को दर्शाता है। इस सफलता को बरकरार रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को ‘बूथ मजबूत’ करने का टास्क दिया है। पार्टी अब पारंपरिक ढर्रे से हटकर नई कार्यप्रणाली अपनाने जा रही है, जिसमें जमीनी कार्यकर्ताओं से मिले व्यावहारिक सुझावों को सीधे शामिल किया गया है ताकि संगठन को और अधिक धारदार बनाया जा सके।
नए चेहरों और प्रोफेशनल्स पर दांव, बदलेगा संगठन का स्वरूप
भविष्य की लीडरशिप तैयार करने के लिए भाजपा ने इस बार अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी अब युवाओं को न सिर्फ संगठन से जोड़ेगी, बल्कि उन्हें शुरुआती दौर में ही बड़ी सांगठनिक जिम्मेदारियां देकर नेतृत्व के लिए तैयार करेगी। साथ ही, आधी आबादी यानी महिलाओं की भागीदारी और उनके नेतृत्व को भी नए सिरे से बढ़ावा दिया जाएगा। सामाजिक संतुलन को साधने के लिए अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी विशेष मंथन हुआ। एक और महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया कि समाज के बौद्धिक वर्ग जैसे डॉक्टरों, इंजीनियरों और वकीलों को जोड़ने के लिए एक अलग विंग सक्रिय होगी, ताकि देश की नीति निर्धारण में उनकी बौद्धिक विशेषज्ञता का सीधा लाभ उठाया जा सके।
अनुच्छेद 370 से लेकर मुफ्त राशन तक: 22 मुद्दों पर घिरेगी विपक्षी सियासत
इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान भाजपा ’12 साल, 22 उपलब्धियां’ के नारे के साथ जनता के बीच अपनी परफॉरमेंस का पूरा ब्योरा रखने जा रही है। पार्टी के एजेंडे में अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे ऐतिहासिक और साहसिक फैसले शीर्ष पर रहेंगे। इसके साथ ही, भारत का दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनना और डिजिटल इंडिया की सफलता को भी प्रमुखता से भुनाया जाएगा। कल्याणकारी योजनाओं के मोर्चे पर भाजपा 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने, 12 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शन देने, 3 करोड़ से अधिक पक्के मकानों का निर्माण कराने, 12 करोड़ शौचालयों के निर्माण और आयुष्मान भारत योजना के तहत मिल रहे मुफ्त इलाज को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाकर जनता के बीच जाएगी। बैठक के समापन पर नितिन नवीन ने साफ संदेश दिया कि समाज के हर नए वर्ग तक पहुंच बनाना ही पार्टी का अगला लक्ष्य है।

