मृत्यु भोज में पक्की कलेवा पर रोक, विवाह में डीजे एवं फिजूल खर्ची पर प्रतिबंध ……
समाज को बेहतर बनाने हेतु हर संभव किया जा रहा प्रयास …..
छुरिया/कल्लूबंजारी //-
विगत दिनों ग्राम कल्लूबंजारी में परीक्षेत्रीय साहू संघ का परिवार संस्कार कार्यक्रम संपन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला साहू संघ के जिला अध्यक्ष नोबेल साहू विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील साहू संघ के अध्यक्ष चुरामन साहू ने किया। विशेष अतिथि के रूप में भुनेश्वर साहू वर्तमान संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष तहसील साहू संघ, रोशन साहू नगर अध्यक्ष साहू समाज राजनांदगांव, भुनेश्वरी साहू, लीला साहू जिला सह संयोजिका, ठगिया साहू, योगराज साहू, कुमेश्वरी साहू, कविता साहू, जाकेश साहू, प्रेमी साहू, टहलू राम साहू, बीरेन्द्र साहू, दिलीप साहू, खीर्मेंद्र साहू, गजेंद्र साहू एवं बालकिशन साहू सहित साहू समाज से बड़ी संख्या में जिला, तहसील एवं परिक्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
सभी अतिथियों ने कार्यक्रम में उपस्थित समाज के पदाधिकारीयो एवं सदस्यों से यह आह्वान किया कि समाज में छोटे-छोटे बच्चों से ही संस्कार डालने की शुरुआत करें।
माता-पिता एवं घर परिवार ही मनुष्य के संस्कार की प्रथम पाठशाला होती है। माता-पिता के द्वारा ही छोटे बच्चों में संस्कार डाला जाता है। बड़े बुजुर्गों का आदर सम्मान करना, उनको प्रणाम करना, छोटो से स्नेह करना ये हमारी संस्कृति परंपरा एवं संस्कार है। सुबह उठकर माता-पिता को प्रणाम करना, हमारे सनातन संस्कृति की सुरक्षा, हिंदू परंपराओं, मान्यताओं, पूजा पाठ की विधि, मंदिर जाना, देवी देवताओं को प्रणाम करना, टीका लगाना, कलावा पहनना आदि हमारे सनातन धर्म एवं हिंदू समाज की संस्कृति है।
जिसे हमें बचा कर रखना होगा तथा इन्हें सुरक्षित रखते हुए संरक्षण देना होगा। हमें पाश्चात्य संस्कृति एवं सभ्यता के अंधानुकराण नहीं करना है। तथा उनसे बचकर रहना है। अतिथियों ने बेटी के विवाह पर दहेज प्रथा की परम्परा पर रोक की बात की। बेटों में ऐसा संस्कार डालें कि वे दहेज ना लें। शादी विवाह में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखना, डीजे की शोर से लोगों को मुक्त करने के लिए इस पर प्रतिबंध की बात कही गई।
चूंकि प्रदेश साहू संघ द्वारा इन सभी चीजों पर 20 से 25 बिंदुओं में जो नियमावली बनकर आया है उसे उक्त सम्मेलन में पढ़कर सुनाया गया। प्रदेश साहू समाज ने इस पर पूर्व से नियमावली जारी कर प्रतिबंध लगाया गया है। जिसके तहत मृत्यु भोज पर मिष्ठान अथवा कलेवा नहीं खिलाया जाएगा। सामाजिक नियमावली के उल्लंघन करने वालों पर सामाजिक अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय एवं तहसील स्तर के सामाजिक बंधुजन, माताएं बहने बड़ी संख्या में उपस्थित थी। उक्त कार्यक्रम को तहसील/जिला साहू संघ के अध्यक्ष नोबेल साहू सहित सभी अतिथियों ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में हुकुम सिंग साहू अध्यक्ष परिक्षेत्रीय साहू संघ, चंद्रशेखर साहू, चित्ररेखा साहू उपाध्यक्ष, जीतू राम, शैलेन्द्री साहू संगठन सचिव, पवन कुमार कोषाध्यक्ष, महेंद्र साहू सचिव, बालाराम, झगरूराम ईशदेव साहू, खिलावन साहू, रूपेंद्र साहू, कुलदीप साहू,गौतमचंद साहू, आत्माराम साहू, संतोष साहू, पीताम्बर साहू, भागरति साहू, वासुदेव साहू, लोकेश साहू, भुवनेश्वर साहू, भुवनेश्वरी साहू, धनवंतिन साहू, जितेंद्र साहू, चंद्रकुमार साहू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु जन एवं माताएं बहने उपस्थित थे। उक्त जानकारी कल्लूबंजारी परिक्षेत्रीय साहू संघ के अध्यक्ष हुकुम सिंह साहू ने दी।


