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जशपुर। जिला शिक्षा कार्यालय जशपुर ने जिले में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम के माध्यम से विज्ञान, भौतिकी और रसायन शास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने का निर्णय लिया गया है।

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जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों और हाई स्कूल–हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन शिक्षकों को मंच प्रदान करना है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और नवाचार से छात्रों के भीतर विज्ञान के प्रति रुचि पैदा की है।
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चयन के कड़े मानक और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर जोर
जारी किए गए निर्देशों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शिक्षकों का चयन केवल उनके नियमित शिक्षण कार्य के आधार पर नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए विशेष वैज्ञानिक योगदान के आधार पर होगा। इसमें उन शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने विज्ञान आधारित नवीन गतिविधियों और जटिल प्रयोगों को सुगम बनाया है। साथ ही, जिन्होंने विभिन्न नवाचारों, न्यायालयीन प्रकरणों के समाधान अथवा किसी भी प्रकार की उल्लेखनीय वैज्ञानिक उपलब्धियों के माध्यम से जिले का मान बढ़ाया है, उनके कार्यों की जानकारी साक्ष्यों सहित उपलब्ध करानी होगी।
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सभी संबंधित विद्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे पात्र शिक्षकों की सूची और उनके उत्कृष्ट कार्यों का संपूर्ण विवरण फाइल के रूप में तैयार करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी निर्धारित प्रारूप में हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी में भी जमा करनी होगी। तकनीकी रूप से यह निर्देश दिया गया है कि सॉफ्ट कॉपी को Kruti Dev 010 Font में तैयार कर 2 फरवरी 2025 को दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
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जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में कहा है कि यह प्रक्रिया न केवल अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके द्वारा किए गए वैज्ञानिक योगदान को राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
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