छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के लिए छात्र सुरक्षा को लेकर नए और कड़े निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश 15 जुलाई 2026 को जारी किया गया है।
छात्र सुरक्षा निर्देश
विभाग ने स्कूल परिसर में छात्रों के सुरक्षित वातावरण को सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
स्कूल बंद होने से पहले प्राचार्य या प्रधान पाठक को सभी कक्षाओं, शौचालयों, प्रयोगशालाओं और खेल के मैदानों की गहन जांच करना अनिवार्य होगा।
प्रत्येक विद्यालय में छुट्टी के समय परिसर का निरीक्षण करने के लिए रोटेशन के आधार पर एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी छात्र परिसर के अंदर न छूटा हो, और केवल उसके बाद ही द्वारों पर ताला लगाया जाएगा।
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छुट्टी के समय स्कूल के मुख्य द्वार पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
विद्यालय प्रबंधन को परिसर में मौजूद गड्ढों या खुले बोरवेल को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है।
बारिश के मौसम में बिजली संबंधी खतरों को रोकने के लिए सभी विद्युत कनेक्शनों की जांच कर उन्हें ठीक रखने को कहा गया है, साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं भी बिजली के तार खुले न रहें।
इस आदेश की आवश्यकता मुख्य रूप से विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने के लिए पड़ी है। आधिकारिक दस्तावेज़ के अनुसार, इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए गए हैं:: विद्यालय परिसर में उचित देखरेख की कमी के कारण अक्सर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। विभाग के संज्ञान में ऐसी चिंताजनक घटनाएं आई हैं, जिनमें असावधानी के कारण छात्र स्कूल के समय के बाद कक्षाओं या शौचालयों में ही बंद रह गए थे।
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इन परिस्थितियों को देखते हुए, विभाग ने यह अनिवार्य कर दिया है कि स्कूल बंद होने से पहले पूरी तरह से यह सुनिश्चित किया जाए कि परिसर में कोई भी छात्र पीछे न रह जाए और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो।
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यह निर्देश राज्य के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए हैं ताकि इनका कड़ाई से पालन हो सके।

