अम्बिकापुर
अम्बिकापुर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के सभी अनुदान प्राप्त और अशासकीय (निजी) विद्यालयों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 23 जुलाई 2026 तक सभी स्कूल बसों और वाहनों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरा, जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और आपातकालीन पैनिक बटन लगाए जाएं।तय समय-सीमा के भीतर यह कार्य पूरा न करने वाले स्कूलों और उनके वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क परिवहन मंत्रालय के आदेश के तहत बड़ी कार्रवाई
यह निर्देश भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा जारी नोटिफिकेशन और कार्यालय परिवहन आयुक्त के पत्र के परिपालन में जारी किया गया है। नए नियम के अनुसार, 29 फरवरी 2024 से पहले पंजीकृत (रजिस्टर्ड) सभी पुराने सार्वजनिक सेवा वाहनों और स्कूल बसों में इन सुरक्षा उपकरणों का होना अब अनिवार्य कर दिया गया है।
स्कूलों को जमा करना होगा ‘सुरक्षा प्रमाण पत्र’
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि केवल उपकरण लगाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि स्कूलों को इसका प्रमाण भी देना होगा। सभी निजी व अनुदान प्राप्त स्कूलों को 23 जुलाई 2026 तक अपने वाहनों में सीसीटीवी, वीएलटीडी ट्रैकिंग डिवाइस (जीपीएस) और पैनिक बटन लगाने की कार्यवाही पूरी करनी होगी। इस कार्य के पूर्ण होने के बाद स्कूलों को एक निर्धारित प्रपत्र (फॉर्मेट) में पूरी जानकारी और इसका ‘कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र’ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
बच्चों की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर
पालकों और शिक्षाविदों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। जीपीएस ट्रैकिंग और पैनिक बटन लगने से आपातकालीन स्थिति में बच्चों को तुरंत मदद मिल सकेगी, वहीं सीसीटीवी कैमरे के जरिए बस के भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



