प्रदेश के कर्मचारियों के लिए क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान विकल्प चुनने 9 जुलाई तक समय
रायपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य राज्य के 23 जिलों में 31 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। यह अभियान बस्तर संभाग में बेहद सफल रही ‘नियद नेल्लानार’ योजना का विस्तार है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच है कि शासन की योजनाओं के लिए नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुँचकर उन्हें योजनाओं से जोड़े। यह कार्यक्रम रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में पूरी तत्परता के साथ संचालित किया जाएगा।
अभियान के तहत उन सभी प्रमुख योजनाओं को एकीकृत किया गया है जो सीधे आम जनता के जीवन स्तर को सुधारती हैं, जिनमें वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी खाद्य व आवास संबंधी योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा, मिशन इंद्रधनुष और महतारी वंदन योजना के माध्यम से स्वास्थ्य व महिला सशक्तिकरण को बल दिया जाएगा, जबकि मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, कौशल विकास योजनाएं और वनाधिकार पट्टों के जरिए कृषि एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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अभियान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी’ द्वारा एक अत्याधुनिक ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड’ विकसित किया जाएगा, जो राज्य से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक की योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। इस अभियान का क्रियान्वयन तीन चरणों में होगा, जिसमें पहले चरण में ग्रामवार सर्वेक्षण और डेटा मानचित्रण के जरिए पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी, दूसरे चरण में विशेष शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा और तीसरे चरण में निरंतर निगरानी व मूल्यांकन के माध्यम से शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जिला कलेक्टर इस अभियान की निगरानी के लिए मुख्य अधिकारी होंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति इसकी नियमित समीक्षा करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक संकल्प है। इस कार्यक्रम के लिए अलग से बजट के बजाय विभाग अपनी मौजूदा स्वीकृत निधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास या सीएसआर जैसे संसाधनों का प्रभावी उपयोग करेंगे।

