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Saturday, Apr 05, 2025
केंद्र की नई सौगात : : खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा रेल लाइन को केंद्र की मंजूरी, छत्तीसगढ़ के विकास को मिली नई पटरी
Kharsia–Naya Raipur Rail Line Approvedरायपुरछत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति को बड़ा बूस्ट मिला है। केंद्र सरकार ने खरसिया से नया रायपुर होते हुए परमालकसा तक नई रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दे दी है। शुक्रवार, 4 अप्रैल को इस योजना की स्वीकृति संबंधी आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं, जिसकी कुल अनुमानित लागत 8,741 करोड़ रुपये है।इस नई परियोजना से बलौदाबाजार, नया रायपुर सहित दुर्ग–राजनांदगांव क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे ‘विकास की नई दिशा’ करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन से छत्तीसगढ़ के भीतर परिवहन सुविधाएं अधिक सुलभ और सुगम होंगी, वहीं औद्योगिक विस्तार को भी गति मिलेगी।छत्तीसगढ़ अब रेल क्रांति की ओर अग्रसरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च को बिलासपुर के मोहभट्ठा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ को कई बड़ी रेल सौगातें दीं। इस अवसर पर उन्होंने अभनपुर से रायपुर के बीच मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। साथ ही, 2,695 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई चार प्रमुख रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इसके अतिरिक्त, सात नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई।जिन परियोजनाओं की नींव रखी गई, उनमें शामिल हैं:खरसिया से झाराडीह के बीच पांचवीं रेल लाइन की आधारशिला रखी गई।सरगबुंदिया से मड़वारानी के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई।दाधापारा से बिल्हा होते हुए दगोरी तक चौथी रेल लाइन को भी मंजूरी दी गई।निपनिया से भाटापारा और हथबंद के बीच चौथी रेल लाइन की योजना भी आगे बढ़ाई गई।भिलाई, भिलाई नगर और दुर्ग लिंक केबिन के बीच चौथी रेल लाइन का कार्य भी स्वीकृत किया गया।राजनांदगांव से डोंगरगढ़ के बीच चौथी रेल लाइन का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।करगी रोड से सल्का रोड के बीच तीसरी रेल लाइन को भी मंजूरी दी गई है।एक नज़र में छत्तीसगढ़ की रेल दिशा:राज्य में प्रस्तावित और स्वीकृत नई रेल लाइनों के माध्यम से राजधानी रायपुर एवं औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।इन योजनाओं से पिछड़े इलाकों में तेज़, सुरक्षित और किफायती परिवहन सेवा का विस्तार होगा।इन परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे।साथ ही, राज्य की लॉजिस्टिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।इन तमाम पहलों के साथ छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिजों और कृषि उत्पादन का नहीं, बल्कि मजबूत रेल नेटवर्क और आधुनिक लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी का भी केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
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