बेमेतरा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और TET से जुड़े मुद्दे को लेकर बेमेतरा में हुए जोरदार आंदोलन का असर अब शासन स्तर पर दिखाई देने लगा है। आंदोलन के बाद शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह एवं संयुक्त संचालक से मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं और सेवा सुरक्षा की मांगों को प्रमुखता से रखा।शासन स्तर के साथ लम्बी चली चर्चा से टेट से प्रभावित शिक्षकों कों राहत कि थोड़ी उम्मीद नज़र आ रही है।
आज बीएड-डीएलएड ब्रिज कोर्स के लिए SCERT रायपुर बुलाए गए शिक्षक साझा मंच के छग सहायक शिक्षक समग्र फ़ेडरेशन,नवीन शिक्षक संघ सर्व शिक्षक संघ ने इसे बैठक कों 17 अगस्त के बेमेतरा में हुए जोरदार आंदोलन से उठ रहे विरोध के आवाज़ कों संवाद के जरिये हल करने के प्रयास के तौर पर देखा।
छग सहायक शिक्षक समग्र फ़ेडरेशन के अध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने कहा कि वर्षों से शासकीय सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने TET की अनिवार्यता के कारण नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शासन को सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति तथा प्रभावित शिक्षकों के लिए व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। शासन कों शिक्षकों के लिए साल में दो बार विभागीय टेट परीक्षा का आयोजन करना चाहिए।
अधिकारियों की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर आवश्यक चर्चा और समाधान की दिशा में पहल का भरोसा दिया गया और जरूरत पड़ने पर शिक्षक साझा मंच के साथ बैठकर संवाद के माध्यम से हल निकालने का प्रयास किया जायेगा, साथ ही आश्वासन दिया कि अन्य राज्यों के टेट मुद्दे पर आ रहे समाधान पर नज़र रख रही है, ताकि भविष्य में न्यायपालिका से किसी भी तरह कि टकराव कि स्थिति न बने, चुंकि ये सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है तो उसी के निर्णय के हिसाब से विकल्प तलाशना पड़ेगा।
सर्व शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय का कहना है कि बेमेतरा में उठी शिक्षकों की आवाज अब शासन के उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है। पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का समाधान होने तक लोकतांत्रिक और चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी स्थिति में गलत नीतियों कों बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
मुलाकात के दौरान नवीन शिक्षक संघ के अध्यक्ष विकास राजपूत ने वरिष्ठ शिक्षकों सहित प्रदेशभर के शिक्षकों की मांगों से अधिकारियों को अवगत कराया और बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2028 तक का अवसर दिया है तो पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची के हिसाब से सुप्रीम कोर्ट के दिए गए समय तक वरिष्ठ शिक्षकों कों अवसर देते हुए पदोन्नति दिया जाए ताकि उनकी सेवा सुरक्षा के साथ उनका अधिकार भी सुरक्षित रहे।
बेमेतरा आंदोलन के बाद और अगले चरण के आंदोलन के तैयारियो कि बीच हुई यह मुलाकात शिक्षकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब प्रदेश के हजारों शिक्षक शासन के अगले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।


