बतौली/सरगुजा:रिपोर्ट: उमेश कुमार प्रजापति
जिले के बतौली क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और धर्म परिवर्तन का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत गोविंदपुर के तरईडांड में शासकीय भूमि पर चर्च का निर्माण किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों और बजरंग दल ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गोविंदपुर के तरईडांड में रहने वाले पहाड़ी कोरवा समाज के लोगों द्वारा कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कर शासकीय भूमि पर चर्च का निर्माण कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे कुछ बाहरी तत्वों का हाथ है, जो अपने स्वार्थ के लिए राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले पहाड़ी कोरवा समाज को निशाना बना रहे हैं।

जांच में हुआ खुलासा: जीवन यापन के लिए दी गई भूमि पर बना चर्च
मामले की गंभीरता को देखते हुए बजरंग दल और ग्रामीणों ने बतौली तहसीलदार को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम (आरआई और पटवारी) ने मौके पर जाकर जांच की। जांच प्रतिवेदन में यह खुलासा हुआ कि उक्त शासकीय भूमि (खसरा नंबर 711/2, रकबा 0.219) मदन राम पिता गीहरु को केवल जीवन यापन (खेती-बाड़ी) के लिए आवंटित की गई थी। आरोप है कि मदन राम ने धर्म परिवर्तन के बाद इस भूमि को चर्च निर्माण के लिए स्वेच्छा से दान कर दिया, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
बजरंग दल की चेतावनी: अवैध निर्माण नहीं हटा तो होगा उग्र आंदोलन
सरगुजा बजरंग दल के विजय यादव ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अवैध निर्माण पिछले दो वर्षों से चल रहा है, लेकिन विभाग अनजान बना रहा। उन्होंने मांग की है कि उक्त चर्च को तत्काल तोड़ा जाए और संबंधित व्यक्ति का भूमि पट्टा निरस्त किया जाए ताकि क्षेत्र में धर्म परिवर्तन जैसी घटनाओं पर रोक लग सके। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस मामले पर बतौली तहसीलदार कमलावती सिंह ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की विधिवत जांच की जा रही है। चूँकि यह शासकीय भूमि जीवन यापन के उद्देश्य से दी गई थी, इसलिए चर्च के लिए इसका उपयोग करना नियमों का उल्लंघन है। जांच उपरांत संबंधित व्यक्ति का पट्टा निरस्त करने की प्रक्रिया की जाएगी।

