रायपुर:
छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच निर्माणाधीन ‘रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर’ आने वाले दिनों में अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ा गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद छत्तीसगढ़ से ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल का सफर न केवल तेज होगा, बल्कि समय और ईंधन की भी भारी बचत होगी।
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सफर का समय घटकर आधा: 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां
यह आधुनिक एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड ट्रैफिक मूवमेंट के अनुकूल डिजाइन किया जा रहा है, जिस पर वाहन 100 किमी प्रति घंटे की नियंत्रित रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे:रायपुर से रांची: वर्तमान में जहां 14 से 16 घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह दूरी घटकर मात्र 7 घंटे रह जाएगी। रायपुर से धनबाद: कोयला राजधानी धनबाद तक का सफर अब मात्र 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
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707 किलोमीटर लंबा इकोनॉमिक कॉरिडोर
लगभग 707 किलोमीटर लंबे इस विशाल सड़क नेटवर्क का निर्माण विभिन्न पैकेजों और चरणों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है: छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों ही खनिज संपदा और औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र हैं। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर स्टील, कोल और भारी मशीनरी उद्योग से जुड़े माल परिवहन को तेज गति देगा। यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को सीधे ओडिशा, झारखंड और आगे पश्चिम बंगाल के प्रमुख औद्योगिक व व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगा।सीधी और नियंत्रित एक्सेस (Access Controlled) वाली सड़क होने के कारण जाम और घुमावदार रास्तों से निजात मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
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क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
NHAI की देखरेख में चल रहे इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से सुदूर ग्रामीण और जनजातीय अंचलों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। हाईवे के दोनों ओर नए लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और ढाबा/होटल उद्योग के विकसित होने से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।























