रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज स्वास्थ्य विभाग के कामकाज को लेकर विपक्ष बेहद आक्रामक नजर आ रहा है। सदन की कार्यसूची के अनुसार, आज प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, डॉक्टरों की भारी कमी और अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर मंत्रियों से जवाब माँगा जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने और दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर आज सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।
सदन में आज सबसे गंभीर मुद्दा प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नकली और अमानक दवाइयों (Fake Medicines) की आपूर्ति का है। विधायक देवेन्द्र यादव इस ओर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे कि कैसे घटिया दवाओं के कारण जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉर्पोरेशन द्वारा वर्ष 2022-23 में की गई रीएजेंट खरीदी में कथित अनियमितता और जांजगीर जिला अस्पताल की ‘जीवनदीप समिति’ के मद में हुई गड़बड़ियों का मुद्दा भी आज सदन की गर्मी बढ़ाएगा।
प्रदेश के सबसे पुराने और बड़े अस्पतालों में शुमार भिलाई के सेक्टर-09 अस्पताल और बस्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (डि़मरापाल) की अव्यवस्थाओं पर भी आज सदन में गूँज सुनाई देगी। विपक्ष का आरोप है कि ये बड़े संस्थान आज खुद ‘बीमार’ हैं और यहाँ मरीजों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में कपड़ों की धुलाई जैसे छोटे कार्यों में भी स्थानीय लोगों को प्राथमिकता न देकर बाहरी लोगों को काम देने और राजनांदगांव में अवैध रूप से बेनामी कंपनियों द्वारा ‘जर्दा गुटखा’ के निर्माण जैसे अवैध कार्यों पर भी स्वास्थ्य मंत्री से जवाब माँगा जाएगा।
विधानसभा में आज एक महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प भी चर्चा के लिए आएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों, विशेषकर स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों को भरने के लिए ‘विशेष भर्ती अभियान’ चलाने की मांग की जाएगी। विपक्ष का तर्क है कि जब तक रिक्त पदों पर भर्तियाँ नहीं होंगी, तब तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।

