रायपुर। छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने 2, 3 एवं 4 जुलाई 2026 को प्रस्तावित तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल को कर्मचारियों के व्यापक हित एवं सरकार द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के सम्मान में स्थगित करने का निर्णय लिया था। यह निर्णय माननीय उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों पर शीघ्र सार्थक निर्णय का भरोसा दिए जाने के बाद लिया गया।
महासंघ ने बताया कि 25 जून एवं 1 जुलाई 2026 को VB-G RAM G योजना के शुभारंभ अवसर पर हुई चर्चा में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों—मानव संसाधन (HR) नीति के माध्यम से सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा, ग्राम रोजगार सहायकों को संविदा के साथ ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन तथा अन्य लंबित विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने 15 दिनों के भीतर प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित कर कर्मचारियों के हित में आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
महासंघ ने कहा कि प्रदेशभर के हजारों कर्मचारियों की अभूतपूर्व एकजुटता, आंदोलन की व्यापक तैयारी और ज्ञापन अभियान ने सरकार को कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया। इसी विश्वास के आधार पर संगठन ने आंदोलन को समाप्त नहीं, बल्कि स्थगित किया है। अब प्रदेश के लगभग 12,500 VB-G RAM G (मनरेगा) कर्मचारी सरकार द्वारा किए गए वादों के समयबद्ध क्रियान्वयन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
महासंघ की आगामी रणनीति तय करने हेतु 12 जुलाई 2026 (रविवार) को दोपहर 12:00 बजे रायपुर में प्रदेशव्यापी बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उपमुख्यमंत्री से प्रस्तावित चर्चा की रूपरेखा, मांगों की प्रगति, संगठन की भावी रणनीति एवं आवश्यकता पड़ने पर आगामी आंदोलन की दिशा पर विस्तृत विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।
महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया है कि VB-G RAM G योजना को सफल बनाने वाले कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, संविदा, ग्रेड पे, वेतनवृद्धि एवं अन्य वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों के विश्वास को और मजबूत करेगी। महासंघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी सरकार के निर्णय की प्रतीक्षा पूरी गंभीरता और धैर्य के साथ कर रहे हैं तथा 12 जुलाई की बैठक आगे की दिशा तय करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

