EPFO Alert 2026: पीएफ निकासी में हो रही देरी? जानें असली वजह!
नई दिल्ली:
देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों और पेंशनभोगियों के लिए इस वक्त की एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने पीएफ खातों में ब्याज (Interest) डालने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भविष्य निधि (PF) पर मिलने वाला 8.25 फीसदी सालाना ब्याज आगामी 15 जुलाई तक सभी सदस्यों के खातों में पूरी तरह क्रेडिट हो जाएगा। इस बार सरकार करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये की एक भारी-भरकम ब्याज राशि सीधे देश के 34 करोड़ नौकरीपेशा लोगों के खातों में ट्रांसफर करने जा रही है। इसके साथ ही, भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ‘CITES 2.01’ नाम से एक नया और बेहद हाईटेक सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम (Centralized IT System) लागू किया है, जिससे अब पीएफ और पेंशन से जुड़े कई पुराने और जटिल नियम भी बेहद आसान, फास्ट और पारदर्शी हो गए हैं।
श्रम मंत्री के अनुसार, सरकार की ओर से मंजूर किए गए इस 8.25 प्रतिशत ब्याज को आधुनिक ऑटो-प्रोसेसिंग तकनीक (Auto-Processing Technology) के जरिए सीधे सदस्यों के खातों में भेजा जा रहा है और जैसे ही फील्ड अधिकारियों का वेरिफिकेशन पूरा होगा, यह रकम आपके खाते में रिफ्लेक्ट होने लगेगी। ग्राहक 15 जुलाई तक अपनी ऑनलाइन पासबुक में क्रेडिट की गई इस रकम को आसानी से देख सकेंगे। खास बात यह है कि पहले ब्याज भुगतान की यह पूरी प्रक्रिया अक्सर अक्टूबर-नवंबर तक लटकती रहती थी, लेकिन इस नए और एडवांस सिस्टम की बदौलत इसे महीनों पहले ही निपटाया जा रहा है। इस नए सिस्टम का एक और सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब आपका पीएफ खाता भी आपके नॉर्मल बैंक अकाउंट की तरह काम करेगा। पहले ईपीएफओ का ढांचा पूरी तरह विकेंद्रीकृत था और हर रीजनल ऑफिस का अपना अलग डेटाबेस होता था, लेकिन अब पूरे देश के डेटा को एक सिंगल सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में बदल दिया गया है, जिससे अब सदस्यों को किसी खास क्षेत्रीय ऑफिस के चक्कर नहीं काटने होंगे और वे देश के किसी भी कोने से अपनी पीएफ सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
यह नया सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने वाला है, क्योंकि अब इसके तहत देश के किसी भी बैंक या उसकी किसी भी शाखा में पेंशन की राशि को सीधे ट्रांसफर किया जा सकता है। पुराने सिस्टम में यह बड़ी पाबंदी थी कि पेंशनभोगी केवल उसी बैंक शाखा से अपनी पेंशन निकाल सकते थे जहां उनका पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) लिंक होता था, लेकिन अब यह बाधा पूरी तरह खत्म हो गई है जिससे बुजुर्गों को बैंकों की लंबी लाइनों से मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा, बार-बार नौकरी बदलने वाले युवाओं के लिए भी एक बहुत बड़ी राहत दी गई है। अब अगर आप जॉब चेंज करते हैं, तो आपके यूएएन (UAN) आधारित पीएफ ट्रांसफर के लिए कोई नया फॉर्म या आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं होगी; पुराना पीएफ बैलेंस नए एम्प्लॉयर के खाते में अपने आप यानी ऑटोमैटिकली ट्रांसफर और सेटल कर दिया जाएगा।
आखिर में, ईपीएफओ ने पीएफ से पैसा निकालने (Withdrawal) और ब्याज के कैलकुलेशन के नियमों में भी ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। निकासी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पहले की 13 जटिल श्रेणियों को समेटकर केवल तीन मुख्य श्रेणियों में बांट दिया गया है, जिसमें पहली श्रेणी गंभीर बीमारी, शिक्षा और विवाह जैसी जरूरी जरूरतों की है, दूसरी आवास की आवश्यकता और तीसरी विशेष परिस्थितियों की है, जिसके तहत सदस्य अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी हिस्सा बेहद आसानी से निकाल सकेंगे। इसके साथ ही, अब फाइनल सेटलमेंट के दौरान ब्याज की पूरी गणना भुगतान की मंजूरी की तारीख (Date of Approval) तक की जाएगी, जबकि पुराने नियम के तहत ब्याज केवल पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही जोड़ा जाता था। इस नए नियम से पीएफ खाताधारकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा।

