रायपुर:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आगामी 27 अक्टूबर 2026 को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। मंत्रालय (महानदी भवन) में होने वाली इस बैठक में खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की आधिकारिक तारीख और कार्ययोजना पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार दीपावली के त्योहार के बाद 15 नवंबर से राज्यव्यापी धान खरीदी शुरू करने का फैसला ले सकती है।
राज्य सरकार ने इस बार प्रदेशभर से लगभग 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले खरीफ सत्र में प्रदेश के 25.49 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 149 लाख टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई थी।
₹3,358 प्रति क्विंटल दाम और बोनस की मांग, विपक्ष का 1 नवंबर से खरीदी पर जोर
कैबिनेट बैठक से पहले धान के दाम और खरीदी की तारीख को लेकर सियासी व किसान संगठनों की हलचल तेज हो गई है:
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दाम बढ़ाने की मांग: पिछली बार राज्य सरकार ने किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा था। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लागत वृद्धि को देखते हुए इस सत्र में मूल्य बढ़ाकर ₹3,358 प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
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बोनस की चौथी किस्त: किसान संघ ने लगभग ₹1,700 करोड़ की बकाया चौथी किस्त के बोनस भुगतान का मुद्दा भी उठाया है, जिस पर कैबिनेट में विचार हो सकता है।
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तारीख को लेकर दबाव: मुख्य विपक्षी दल 1 नवंबर (राज्य स्थापना दिवस) से ही धान खरीदी शुरू करने का लगातार दबाव बना रहा है, हालांकि सरकार प्रशासनिक तैयारियों के मद्देनजर 15 नवंबर के विकल्प पर विचार कर रही है।
3 दिवसीय राज्योत्सव और कई जनहितकारी प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
27 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में केवल धान खरीदी ही नहीं, बल्कि कई अन्य नीतिगत विषयों पर भी अहम फैसले लिए जाने हैं:
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तीन दिवसीय राज्योत्सव: इस बार छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह (राज्योत्सव) तीन दिवसीय आयोजित करने की योजना है, जिसकी रूपरेखा और तैयारियों की समीक्षा बैठक में की जाएगी।
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स्वास्थ्य और सरकारी अस्पताल: प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और अधोसंरचना विस्तार से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिल सकती है।
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कृषि तकनीक और सहकारिता: कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, सहकारी समितियों के सशक्तिकरण तथा शिक्षा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट अपनी मंजूरी दे सकती है।


