सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षकों पर होगी सख्ती, छात्राओं को अनिवार्य होगा कराते प्रशिक्षण: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
रायपुर:
राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की एक दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रदेशभर के संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और विभागीय सचिव शामिल हुए। बैठक में मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने और शैक्षणिक व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी है, जो अभिभावकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षक सिर्फ ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए स्कूल न आएं, बल्कि क्लासरूम में बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि यह जांचा जा सके कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं। साथ ही यह भी तय किया गया कि शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए हर महीने के तीसरे सप्ताह में रायपुर में नियमित बैठक आयोजित होगी। स्कूलों में मंत्रोच्चारण को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य टीआरपी बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार विकसित करना है। इसके साथ ही खेलकूद और पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि स्कूलों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा हेतु कराते प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा, जिसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेशभर के स्कूलों में 8 हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा और जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत व नए निर्माण के लिए फंड जारी होगा। प्रदेश में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 5 हजार नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। वहीं, शिक्षक की अनुपस्थिति में भी पढ़ाई जारी रखने के लिए स्मार्ट क्लास और डिजिटल सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। मंत्री ने स्कूलों में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए और शिक्षक संघ के आंदोलन व TET अनिवार्यता पर कहा कि मध्य प्रदेश के नियमों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी विचार किया जाएगा।























