रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2019 को शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के तहत छत्तीसगढ़ में हर घर, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हो पाया है। राज्य में चल रहे व्यापक अभियान के बावजूद, प्रदेश के 2,307 स्कूलों और 4,011 आंगनबाड़ी केंद्रों में अब तक नल कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। इससे इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों को पेयजल के लिए अन्य वैकल्पिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्कूलों में 95 प्रतिशत लक्ष्य पूरा, बस्तर संभाग की स्थिति चिंताजनक राज्य के सभी 33 जिलों में कुल 46,280 स्कूलों को नल से जल से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक 43,973 स्कूलों (लगभग 95%) में यह सुविधा पहुंचाई जा सकी है। हालांकि, बस्तर संभाग के जिलों में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, जहां नारायणपुर में केवल 61.06% और सुकमा में 66.29% लक्ष्य ही पूरा हुआ है।
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सबसे पिछड़े 5 जिले (स्कूल): नारायणपुर (61.06%), सुकमा (66.29%), बीजापुर (74.75%), दंतेवाड़ा (84.55%), और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (85.36%)।
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शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल: बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, कोरबा, महासमुंद, सक्ती और कांकेर।
नारायणपुर आंगनबाड़ी केंद्रों में सबसे पीछे, 51% काम ही पूरा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए निर्धारित 45,731 केंद्रों के लक्ष्य में से अब तक 41,720 केंद्रों (91.23%) में नल कनेक्शन लग पाए हैं। यहां भी बस्तर संभाग के जिले राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे हैं। कोंडागांव में 65.44%, बीजापुर में 61.31%, सुकमा में 57.01% और नारायणपुर में सबसे कम, महज 50.85% लक्ष्य हासिल हुआ है।
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सबसे पिछड़े 5 जिले (आंगनबाड़ी): नारायणपुर (50.85%), सुकमा (57.01%), बीजापुर (61.31%), कोंडागांव (65.44%), और जशपुर (75.92%)।
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शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल: बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सरगुजा।
ग्रामीण घरों में 84% नल कनेक्शन, छत्तीसगढ़ देश में 23वें स्थान पर योजना के तहत राज्य के ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने के मामले में अब तक 41,85,127 घरों (लगभग 84%) को कवर किया गया है। कुल निर्धारित लक्ष्य 49,95,141 घरों का है। भुगतान और राशि की कमी के कारण कुछ जिलों में मिशन की गति धीमी पड़ी है।
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शीर्ष जिले (घर): धमतरी (99.59%) और रायपुर (98.21%)।
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राष्ट्रीय रैंकिंग: ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में 23वें स्थान पर है।
जल जीवन मिशन के निदेशक रिमिजियस एक्का ने कहा है कि योजना की निरंतर समीक्षा की जा रही है और आ रही कमियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर संभाग में काम में तेजी लाने का आश्वासन दिया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों तक नल से जल पहुंचाने में पिछड़े पांच जिले
| जिला | लक्ष्य | पूर्ण |
| जशपुर | 4,158 | 3,157 |
| कोंडागांव | 1,762 | 1,153 |
| बीजापुर | 1,070 | 656 |
| सुकमा | 949 | 541 |
| नारायणपुर | 529 | 269 |
स्कूलों तक नल से जल पहुंचाने में पिछड़े पांच जिले
| जिला | लक्ष्य | पूर्ण |
| खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | 731 | 624 |
| दंतेवाड़ा | 809 | 684 |
| बीजापुर | 895 | 669 |
| सुकमा | 982 | 651 |
| नारायणपुर | 470 | 287 |























