रायपुर।
27 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास बगिया-जशपुर तथा दुर्ग स्थित शिक्षा मंत्री के निवास के समक्ष प्रस्तावित घेराव आंदोलन की अगली कड़ी है। आंदोलन से ठीक पहले सरकार की ओर से वार्ता के लिए मिले बुलावे से शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधियों और प्रदेश के शिक्षकों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात दुर्ग और जशपुर में शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधियों की प्रशासन के साथ डेलिगेशन स्तर पर चर्चा हुई थी। प्रशासन की ओर से शिक्षा मंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद आज शिक्षक साझा मंच को शिक्षा मंत्री की ओर से भी वार्ता के लिए बुलाया गया है।
इसी बीच जशपुर में सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन एवं शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधियों को आंदोलन से ठीक पहले मुख्यमंत्री की ओर से रात 08:00 बजे वार्ता के लिए बुलावा मिला है।जिसे अजय गुप्ता जिलाध्यक्ष इस बैठक को शिक्षक साझा मंच इस बैठक को अगुवाई करेंगें।उन्होंने मुख्यमंत्री की इस पहल को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि सरकार यदि शिक्षकों की जायज मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय लेती है, तो आंदोलन के संबंध में आगे की रणनीति पर उसी के अनुरूप विचार किया जाएगा।
सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने वार्ता के बुलावे को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से TET की अनिवार्यता से सेवा सुरक्षा, पदोन्नति में वरिष्ठता, नियुक्ति तिथि से सेवा गणना और वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक निर्णय के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनिश्चितकालीन आंदोलन को लेकर शिक्षक पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से वार्ता का बुलावा समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मनीष मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मिले बुलावे को मंच सकारात्मक रूप से देख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ता में यदि शिक्षकों की दो सूत्रीय प्रमुख मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय होता है, तो आंदोलन की आगे की रणनीति उसी के अनुरूप तय की जाएगी।
विकास राजपूत ने उम्मीद जताई कि सरकार प्रदेश के हजारों शिक्षकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, वरिष्ठता और अन्य लंबित मांगों पर निर्णायक पहल करेगी।
वहीं प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि शिक्षक साझा मंच का उद्देश्य सरकार से टकराव नहीं, बल्कि शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा का सम्मानजनक समाधान है। उन्होंने कहा कि सरकार की सकारात्मक पहल से आंदोलन समाप्त करने की दिशा में रास्ता खुल सकता है।
शिक्षक साझा मंच ने कहा कि 27 अगस्त का प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन अभी यथावत है, लेकिन सरकार के साथ होने वाली वार्ता में यदि मांगों पर ठोस समाधान निकलता है तो मंच अपने सभी संचालकों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति तय करेगा।
इस अवसर पर शिक्षक साझा मंच के संचालकगण लैलून भारद्वाज,राजनारायण द्विवेदी, चेतन बघेल, शंकर साहू, कमलेश बिसेन,सहित मंच के अन्य अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से आंदोलन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंच ने कहा कि शिक्षकों की एकजुटता और सरकार की सकारात्मक पहल से लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ी है।























