संगम चौक में गरबा का महासंगम! तृतीय दिवस पर 300 से अधिक महिलाओं-बच्चों ने गरबा-डांडिया से मचाई धूम
जशपुर नगर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर संगम चौक, दरबारी टोली में आयोजित संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति का प्रथम वर्ष निःशुल्क गरबा महोत्सव नगर में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्र के तृतीय दिवस पर गरबा महोत्सव में 300 से अधिक महिलाओं एवं बच्चों ने एक साथ गरबा और डांडिया कर ऐसा समां बांधा कि पूरा संगम चौक भक्ति, उल्लास और पारंपरिक संस्कृति के रंग में सराबोर हो गया। प्रतिभागियों के उत्साह और लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बना दिया।

गरबा-डांडिया की धूम, मां दुर्गा की आराधना के साथ सांस्कृतिक उत्सव
पारंपरिक गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच महिलाओं एवं बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। नवरात्र की भक्ति और गरबा की उमंग ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। एक साथ बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति ने यह साबित किया कि नगरवासी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को भरपूर प्रोत्साहन दे रहे हैं। हर दिन बढ़ती भागीदारी के साथ संगम चौक का गरबा महोत्सव लोगों के बीच खास पहचान बना रहा है।

निःशुल्क गरबा महोत्सव, हर वर्ग को जोड़ने की अनूठी पहल
संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति की इस पहल की सबसे खास बात यह है कि गरबा महोत्सव सभी के लिए पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। समिति का उद्देश्य है कि आर्थिक स्थिति किसी के उत्साह और सांस्कृतिक भागीदारी में बाधा न बने। इसी सोच के साथ महिलाओं और बच्चों को गरबा-डांडिया के माध्यम से भारतीय परंपरा एवं संस्कृति से जुड़ने का अवसर दिया जा रहा है।
प्रथम वर्ष में ही इस तरह की व्यापक भागीदारी और जनसमर्थन मिलना आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाता है। संगम सेवा समिति की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत कर रही है।

29 वर्षों की परंपरा में जुड़ा नया अध्याय
संगम चौक में संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति पिछले 29 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समिति प्रत्येक वर्ष कुछ नया और विशेष करने का प्रयास करती है। इसी क्रम में इस वर्ष पहली बार निःशुल्क गरबा महोत्सव का आयोजन शुरू किया गया है। इस नई पहल ने दुर्गा पूजा के उत्सव को एक नया आयाम दिया है और नगरवासियों को एक साझा सांस्कृतिक मंच उपलब्ध कराया है।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश
संगम चौक का गरबा महोत्सव केवल नृत्य और मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं, बच्चों और नगरवासियों को एक सूत्र में जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है। मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक सहभागिता के साथ यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संदेश दे रहा है।
नवरात्र के तृतीय दिवस पर उमड़ा जनसैलाब और 300 से अधिक महिलाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति की निःशुल्क गरबा पहल को नगरवासियों का भरपूर स्नेह और समर्थन मिल रहा है। प्रथम वर्ष में ही गरबा महोत्सव की यह शानदार शुरुआत संगम चौक के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में एक नया अध्याय जोड़ती नजर आ रही है।


