राजनांदगांव:
जिले के शासकीय स्कूलों में VSK App के जरिए लागू की गई ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था के दौरान 264 शिक्षकों का रिकॉर्ड पोर्टल पर न मिलने से स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को लापता शिक्षकों की सूची भेजकर विस्तृत जांच करने और दो दिनों के भीतर पूरी जानकारी प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल के अनुसार, संचालनालय से मिले निर्देशों के आधार पर ऐसे सभी 264 शिक्षकों के रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सूची में ऐसे शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिनका अन्यत्र तबादला हो चुका है या जिनका असामयिक निधन हो गया है। हालांकि, वास्तविक स्थिति सर्विस रिकॉर्ड और स्कूलों से भौतिक मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ऐप की तकनीकी खामियों से शिक्षक भी परेशान
एक तरफ जहां रिकॉर्ड गायब होने से विभाग में हलचल है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बीएसके ऐप के संचालन को लेकर शिक्षकों को लगातार तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
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सर्वर और उपस्थिति दर्ज न होना: कई स्कूलों में नेटवर्क और सर्वर की खराबी के कारण शिक्षकों की उपस्थिति समय पर दर्ज नहीं हो पा रही है।
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जियो-फेंसिंग की समस्या: निर्धारित विद्यालय परिसर से 100 से 200 मीटर के दायरे में मौजूद होने के बावजूद ऐप द्वारा लोकेशन स्वीकार न करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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समय पर समाधान की मांग: शिक्षक संघों का कहना है कि जब तक तकनीकी खामियों को पूरी तरह दूर नहीं किया जाता, तब तक ऑनलाइन व्यवस्था से बेवजह भ्रम और अनुपस्थिति की स्थिति बनती रहेगी।
फिलहाल शिक्षा विभाग ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और संकुल प्रभारियों को संबंधित 264 शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट कर तत्काल रिपोर्ट सौंपने को कहा है, ताकि संचालनालय को तय समय-सीमा में जवाब भेजा जा सके।


