रायपुर
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत वय वंदना योजना’ के सफल क्रियान्वयन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर उभरा है। 15 जुलाई 2026 को जारी राज्य स्तरीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, इस नए जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है.
इस योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को, उनकी आय की परवाह किए बिना, प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज प्रदान किया जाता है. राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार, समूचे छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 9 लाख 23 हजार 772 के लक्ष्य के मुकाबले 5 लाख 91 हजार 256 बुजुर्गों के वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे राज्य का औसत कवरेज 64 प्रतिशत पहुंच गया है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गूंजेगा खाद्य और महिला बाल विकास का मुद्दा, आज खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और लक्ष्मी राजवाड़े देंगे जवाब
टॉप-3 में राजनांदगांव और कोरिया का दबदबा, सुकमा सबसे निचले पायदान पर
आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुल निर्धारित लक्ष्य 27 हजार 514 सदस्यों के मुकाबले रिकॉर्ड 22 हजार 333 बुजुर्गों का सफलतापूर्वक वय वंदना कार्ड बनाया जा चुका है। जिला 81.17 प्रतिशत की अभूतपूर्व कवरेज दर के साथ पहले पायदान पर काबिज है।
इस दौड़ में अन्य जिले भी पीछे नहीं हैं:
-
राजनांदगांव जिला 31 हजार 671 के लक्ष्य के मुकाबले 25 हजार 424 कार्ड (80.28% कवरेज) बनाकर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
-
कोरिया जिला 10 हजार 324 के लक्ष्य के मुकाबले 8,103 कार्ड (78.49% कवरेज) बनाकर तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
-
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (76.4%) चौथे और महासमुंद (76.02%) पांचवें स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
-
दूसरी ओर, विकास के पैमानों पर संघर्ष कर रहे बीजापुर में 34.83% और सुकमा में 30.36% कवरेज दर्ज किया गया है, जिसके चलते ये जिले तालिका में सबसे निचले पायदान पर हैं।
सरगुजा संभाग में बड़ा एक्शन; बलरामपुर डीईओ ने लम्बे से संलग्न 177 शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की ‘मूल पदस्थापना’ में ‘नॉन-सेटलमेंट’ वापसी, मूल संस्था में रिपोर्टिंग अनिवार्य, अब वहीं से होगी अटेंडेंस” अन्य जिले है पीछे
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों की आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट
15 जुलाई 2026 की स्थिति में राज्य के सभी 33 जिलों में वय वंदना कार्ड निर्माण का पूरा लेखा-जोखा इस प्रकार है:
| स्थान | जिले का नाम | कुल लक्ष्य (Target) | बनाए गए कार्ड (Card Made) | कवरेज प्रतिशत (Coverage %) |
| 1 | सारंगढ़ बिलाईगढ़ | 27,514 | 22,333 | 81.17% |
| 2 | राजनांदगांव | 31,671 | 25,424 | 80.28% |
| 3 | कोरिया | 10,324 | 8,103 | 78.49% |
| 4 | खैरागढ़ छुईखदान गंडई | 11,989 | 9,160 | 76.40% |
| 5 | महासमुंद | 40,825 | 31,036 | 76.02% |
| 6 | गौरेला पेंड्रा मरवाही | 11,086 | 8,398 | 75.75% |
| 7 | मुंगेली | 23,843 | 17,763 | 74.50% |
| 8 | बेमेतरा | 31,265 | 23,259 | 74.39% |
| 9 | कोरबा | 39,355 | 28,201 | 71.66% |
| 10 | धमतरी | 34,748 | 24,721 | 71.14% |
| 11 | रायगढ़ | 41,848 | 29,530 | 70.56% |
| 12 | मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी | 8,658 | 6,066 | 70.06% |
| 13 | कोंडागांव | 13,456 | 9,309 | 69.18% |
| 14 | कांकर | 24,443 | 16,861 | 68.98% |
| 15 | बस्तर | 22,003 | 14,891 | 67.68% |
| 16 | बलरामपुर | 21,609 | 14,590 | 67.52% |
| 17 | बालोद | 28,504 | 18,943 | 66.46% |
| 18 | जांजगीर-चांपा | 43,823 | 29,122 | 66.45% |
| 19 | सरगुजा | 31,469 | 20,750 | 65.94% |
| 20 | नारायणपुर | 2,390 | 1,574 | 65.86% |
| 21 | बलौदा बाजार | 38,493 | 24,783 | 64.38% |
| 22 | दंतेवाड़ा | 5,033 | 3,119 | 61.97% |
| 23 | गरियाबंद | 21,043 | 12,990 | 61.73% |
| 24 | सूरजपुर | 22,600 | 13,893 | 61.47% |
| 25 | जशपुर | 41,378 | 24,789 | 59.91% |
| 26 | दुर्ग | 75,506 | 43,052 | 57.02% |
| 27 | बिलासपुर | 46,028 | 26,084 | 56.67% |
| 28 | शक्ति | 37,196 | 18,988 | 51.05% |
| 29 | रायपुर | 81,229 | 40,103 | 49.37% |
| 30 | मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर | 12,868 | 6,169 | 47.94% |
| 31 | कबीरधाम | 32,191 | 14,220 | 44.17% |
| 32 | बीजापुर | 4,094 | 1426 | 34.83% |
| 33 | सुकमा | 5,290 | 1,606 | 30.36% |
| कुल योग (Total) | 9,23,772 | 5,91,256 | 64.00% |
श्रावणी मेला 2026: रविवार और सोमवार को ‘शीघ्रदर्शनम’ कूपन पर पूरी तरह रोक, VIP व आउट ऑफ टर्न पूजा भी रहेगी बंद
घर-घर सर्वे और टीम भावना से मिली सफलता
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के इस बेहतरीन मॉडल की सराहना करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता से पहुँचाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस सफलता को एक संयुक्त टीम भावना का परिणाम बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक रोशन सचदेव, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों (BMOs), मैदानी अमले, मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने इसके लिए दिन-रात एक किया। टीम ने न केवल कार्यालयीन स्तर पर काम किया, बल्कि सक्रिय रूप से घर-घर जाकर सर्वे किया, पात्र बुजुर्गों की पहचान की और उन्हें त्वरित रूप से मौके पर ही कार्ड उपलब्ध कराए, जिसके कारण यह जिला आज पूरे प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है।


