चंडीगढ़/रायपुर: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों के साथ चंडीगढ़ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया। इस फैसले के बाद पंजाब के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर अब कुल 50 प्रतिशत हो गया है, जिससे राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।
पंजाब: दो किस्तों में मिलेगा 4-4% का इजाफा
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद तय फॉर्मूले के अनुसार डीए का भुगतान किया जाएगा:
बढ़े हुए 8 फीसदी महंगाई भत्ते को दो समान किस्तों में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक किस्त 4-4 फीसदी की होगी। कर्मचारियों को इस बढ़े हुए भत्ते का लाभ इसी महीने के वेतन के साथ जुड़कर मिलना शुरू हो जाएगा।पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार करते हुए इसे कर्मचारी कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
केंद्र और अन्य राज्यों में महंगाई भत्ते (DA) की ताजा स्थिति
पंजाब के 50% डीए लागू करने के बाद अब अन्य राज्यों और केंद्रीय कर्मचारियों के तुलनात्मक आंकड़े चर्चा में हैं:
| स्तर / राज्य | वर्तमान महंगाई भत्ता (DA) | स्थिति |
| केंद्रीय कर्मचारी | 50% | केंद्र सरकार ने मार्च में 4% बढ़ोतरी के साथ डीए 50% पर पहुंचाया था। सातवें वेतन आयोग के तहत 50% डीए होते ही एचआरए और अन्य भत्तों में भी संशोधन हो चुका है। |
| पंजाब | 50% | हालिया 8% की बढ़ोतरी (4+4%) के बाद पंजाब अब सीधे केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर आ गया है। |
| छत्तीसगढ़ | 46% | छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को वर्तमान में 46 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। राज्य कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर केंद्र के समान 50% करने की लगातार मांग कर रहे हैं। |
| अन्य प्रमुख राज्य | 46% से 50% | राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में भी 46% से लेकर 50% तक डीए लागू है, जबकि कई राज्य केंद्र के समान स्तर पर पहुंचने की तैयारी में हैं। |
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों की नजरें भी सरकार पर
पंजाब में 8% डीए बढ़ोतरी और कुल 50% का आंकड़ा छूने के बाद अब छत्तीसगढ़ के कर्मचारी संगठनों में भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी लगातार 4% डीए बढ़ाकर केंद्र के समान 50% करने और लंबित एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं। पंजाब के इस फैसले के बाद अन्य गैर-भाजपा और भाजपा शासित राज्यों में भी डीए समानता को लेकर दबाव तेज होने की संभावना है।























