रायपुर:
छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने तथा पेपर लीक, नकल और फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों पर नकेल कसने के लिए राज्य शासन ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले तत्वों और नकल माफिया पर त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में तीन विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Special Courts) का गठन किया गया है।
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इन तीन जिलों की जिला अदालतों को बनाया गया विशेष कोर्ट
राज्य शासन ने इस संबंध में व्यवस्था तय करते हुए तीन प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायालयों को विशेष अदालत के रूप में अधिसूचित किया है:
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रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय
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बिलासपुर जिला एवं सत्र न्यायालय
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कोरिया (मुख्यालय: बैकुंठपुर) जिला एवं सत्र न्यायालय
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विधि एवं विधाई कार्य विभाग ने जारी की अधिसूचना
विधि और विधाई कार्य विभाग (Law and Legislative Affairs Department) ने इस फैसले से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर दी है। इन अदालतों के गठन से अदालती प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय में कमी आएगी और मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा।
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पेंडिंग और नए सभी मामलों की होगी स्पीडी ट्रायल
इन विशेष अदालतों के अधिकार क्षेत्र में सार्वजनिक व प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े निम्नलिखित मामले शामिल होंगे:
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परीक्षा में नकल और पर्चा लीक (Paper Leak) से जुड़े प्रकरण।
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परीक्षा हॉल में अनुचित साधनों (Unfair Means) का इस्तेमाल।
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भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली या संगठित सिंडिकेट की संलिप्तता।
अधिसूचना के अनुसार, इन विशेष अदालतों में न केवल भविष्य में दर्ज होने वाले नए मामलों की सुनवाई होगी, बल्कि पूर्व से अदालतों में लंबित (Pending) मामलों को भी ट्रांसफर कर उनकी स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई की जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके और अभ्यर्थियों का व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे।


