रायपुर: बदलते मौसम के मिजाज और लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के इस दौर में अब नागरिकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। दुर्ग जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने आम जनता को बाढ़, आकाशीय बिजली (वज्रपात), वनाग्नि और भीषण लू जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष जीवन रक्षक पहल की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत भारत सरकार द्वारा विकसित तीन अत्यंत महत्वपूर्ण मोबाइल एप्लीकेशंस—सचेत, दामिनी और मेघदूत का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि हर नागरिक समय रहते सतर्क हो सके।
इस नई तकनीकी व्यवस्था के अंतर्गत ‘सचेत’ एप नागरिकों को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं की रियल-टाइम चेतावनी और उससे बचाव के तरीके बताएगा। वहीं, आकाशीय बिजली की सटीक भविष्यवाणी के लिए ‘दामिनी’ एप तैयार किया गया है, जो बिजली गिरने के संभावित स्थान और समय की पहले से जानकारी देकर किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहा है। इसके साथ ही, मौसम में आ रहे बदलावों का खेती-किसानी पर क्या असर पड़ेगा, इसके लिए ‘मेघदूत’ एप के जरिए किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह सीधे उनके मोबाइल पर दी जा रही है।
तकनीक के इस इस्तेमाल के साथ ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मैदानी तैयारी भी पुख्ता की गई है। किसी भी आपदा या इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत सहायता पाने के लिए जिला प्रशासन ने नागरिकों से टोल-फ्री नंबरों का उपयोग करने की अपील की है। आपातकालीन स्थिति में नागरिक 1070 और 112 नंबरों पर कॉल कर सकते हैं। इन कंट्रोल रूम नंबरों पर सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत बचाव दल (SDRF) तुरंत सक्रिय हो जाता है, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इन सरकारी एप्स को मोबाइल में डाउनलोड करने और आपदा के समय इन टोल-फ्री नंबरों की मदद लेने की गुजारिश की है।

