महासमुंद @ रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान महासमुंद जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से की गई कृषि यंत्रों (स्प्रेयर) की खरीदी में भारी वित्तीय अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का मामला गूंजा है। विधायक श्रीमती चातुरी नन्द के ध्यानाकर्षण प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सदन में स्वीकार किया कि इस खरीदी में भंडार क्रय नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार, महासमुंद के उप संचालक कृषि द्वारा भंडार क्रय नियम, 2002 के कई नियमों और उपनियमों का खुला उल्लंघन कर निम्न गुणवत्ता वाले, बिना ISI/BIS मार्क के बैटरी सह हैंड ऑपरेटेड नेपसेक स्प्रेयर अधिक मूल्य पर क्रय किए गए थे।
राजधानी में नियमितीकरण की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करेंगे राज्य के अतिथि शिक्षक
उप संचालक कृषि का जवाब असंतोषजनक, कार्रवाई की तैयारी
सदन में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच दल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर संचालनालय कृषि के अभिमत दिनांक 02.12.2025 के अनुसार विभागीय पत्र दिनांक 09.01.2026 द्वारा उप संचालक कृषि महासमुंद (श्री फागुराम कश्यप) को ‘कारण बताओ नोटिस’ (शो-कॉज नोटिस) जारी किया गया था। श्री फागुराम कश्यप द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रतिवाद उत्तर (जवाब) पर संचालनालय कृषि ने 25 जून 2026 को अपना अभिमत दिया है, जिसमें उनके जवाब को असमाधानकारक (असंतोषजनक) पाया गया है।मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि संचालनालय कृषि से प्राप्त अभिमत के आधार पर वर्तमान में कार्रवाई की प्रक्रिया गतिमान है और गुण-दोष के आधार पर यथोचित दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: छत्तीसगढ़ में सूख रही 19 नदियों के उद्गम स्थलों को बचाने के लिए बनेगी विशेष कमेटी,
टेंडर का पूरा खेल: तीन बार आमंत्रित करनी पड़ी निविदाएं
विधायक द्वारा उसी डिफ़ॉल्टर फर्म को दोबारा टेंडर दिए जाने के सवाल पर मंत्री ने सिलसिलेवार तरीके से टेंडर निरस्त होने और नई निविदा की पूरी प्रक्रिया का विवरण सदन के पटल पर रखा:
| निविदा (Tender) | दिनांक | स्थिति / कार्रवाई |
| प्रथम निविदा (GEM/2024/B/5657055) | 27.11.2024 | कलेक्टर महासमुंद के अनुमोदन पर 16.04.2025 को निरस्त की गई। |
| द्वितीय निविदा (GEM/2025/B/6241818) | 16.05.2025 | 11 में से केवल 2 फर्में पात्र थीं। न्यूनतम 3 निविदाकर्ता न होने के कारण इसे भी निरस्त किया गया। |
| तृतीय निविदा (GEM/2025/B/6443879) | 11.07.2025 | 8 में से 7 फर्में अपात्र पाई गईं। केवल 1 फर्म पात्र मिली, जिसे नेगोसिएशन के बाद वर्क ऑर्डर जारी हुआ। |
छत्तीसगढ़ में ‘धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026’ लागू: अवैध धर्मांतरण पर आजीवन कारावास और ₹25 लाख तक का जुर्माना, शादी भी होगी शून्य
अंततः ‘मातादी इलेक्ट्रिकल्स राजिम’ को मिला वर्क ऑर्डर
मंत्री ने स्पष्ट किया कि निविदा में गड़बड़ी की शिकायत के बाद जब पहली निविदा निरस्त हुई, तो डिप्टी कलेक्टर महासमुंद की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय क्रय समिति बनाई गई थी।
तीसरी बार निकाली गई निविदा में कुल 8 फर्मों ने भाग लिया था, लेकिन 7 फर्मों द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उन्हें जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा अपात्र (डिस्कॉलीफाई) कर दिया गया। तकनीकी मापदंडों पर केवल एक मात्र फर्म ‘मातादी इलेक्ट्रिकल्स राजिम’ ही पात्र पाई गई। इसके बाद वित्तीय निविदा खोलकर, नेगोसिएशन (दरों में मोलतोल) करने के उपरांत ही उक्त फर्म को कायदिश (वर्क ऑर्डर) जारी किया गया।
स्कूलों में छात्र सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी, छुट्टी के समय विशेष सतर्कता बरतने के आदेश

