सरगुजा: सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की करीब 50 छात्राओं द्वारा बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कलेक्ट्रेट के लिए पैदल मार्च निकालने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने इसे बेहद गंभीर और अस्वीकार्य बताते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर बात की और अधिकारियों की लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। सीएम के कड़े तेवर के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्राचार्य को पद से हटा दिया है और छात्रावास अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय में पिछले तीन महीनों से बिजली गुल थी। इसके अलावा गणित व रसायन विज्ञान के शिक्षकों की लापरवाही, नियमित पढ़ाई न होना और मेस में गंदगी जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई थीं। बार-बार प्राचार्य से शिकायत करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो नाराज छात्राएं अपनी पीड़ा लेकर पैदल ही अंबिकापुर कलेक्ट्रेट की ओर निकल पड़ीं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच रास्ते (लमगांव) पहुंचकर छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे कलेक्टर से सीधे मिलने पर अड़ी रहीं। बाद में अधिकारियों ने बस की व्यवस्था कर छात्राओं को अंबिकापुर पहुंचाया, जहां उन्होंने कलेक्टर के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई।
सीएम के निर्देश पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई:
लापरवाही सामने आने पर प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को तत्काल पद से हटाते हुए कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अंबिकापुर में अटैच कर दिया गया है।अंग्रेजी विषय की शिक्षिका प्रतीक्षा त्रिपाठी को विद्यालय के प्राचार्य का नया दायित्व सौंपा गया है।
हॉस्टल की व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने के आरोप में छात्रावास अधीक्षिका आयुषी सोनी को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए निर्देश दिया है कि शिवपुर विद्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन का आहरण अब सीधे जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही होगा। मैनपाट एकलव्य स्कूल से संलग्न शिक्षक अरविंद अशोक तिग्गा को उनके मूल पद पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।
जांच समिति गठित, मंत्री ने भी मांगी रिपोर्ट कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर संयुक्त कलेक्टर शारदा अग्रवाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं और स्टाफ से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की है।
इधर, छत्तीसगढ़ के आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी सहायक आयुक्त से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने दो टूक कहा कि आदिवासी अंचल के बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का नियमित निरीक्षण हो ताकि ऐसी नौबत दोबारा न आए।























