हिंसा से हुनर का सफर: बस्तर में बंदूक छोड़कर हुनरमंद हुए युवा

रमजान 2026: पाक महीने की शुरुआत कब, क्यों है खास और रोज़ा रखने का क्या है महत्व

मोहब्बत की फिज़ा सिर्फ शहरों में ही नहीं, गाँव की पगडंडियों, खेतों की मेड़ और कच्ची गलियों में भी आज गुलाबों की महक बनकर तैर रही है। सात फरवरी का ‘रोज डे’ अब गाँव के युवाओं के लिए भी एक खास दिन बन चुका है, जहाँ भावनाएँ सादी हैं, लेकिन एहसास बेहद गहरे।

​🥃 ​”बाबू मोशाय… अब होली पर जाम भी होगा और इंतज़ाम भी!” छत्तीसगढ़ में ड्राई डे की छुट्टी।

SC छात्रों के लिए बड़ी सौगात: विदेश में पढ़ाई के लिए अब मिलेगा 40 लाख तक का लोन

 

सूफी संगीत के फलक पर चमकता ‘नन्हा आफताब’: अजमत शाबरी

सूफी संगीत के फलक पर चमकता ‘नन्हा आफताब’: अजमत शाबरी

18 से कम उम्र में ‘सहमति’ अमान्य और तस्करी अब संगठित अपराध; सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ प्लान

गाँव का अपना अंदाज़, अपना गुलाब

शहरों की तरह यहाँ महंगे बुके नहीं, बल्कि खेतों की मेड़ पर खिले देसी गुलाब ही सबसे बड़ी दौलत हैं। सुबह की ठंडी धूप में जब युवतियाँ कुएँ और पंप के पास पानी भरने निकलती हैं, तो कई हाथों में एक ताज़ा तोड़ा हुआ लाल गुलाब दिख जाता है—बिना किसी दिखावे, बिना किसी शोर-शराबे के।
गाँव के लड़के आज भी दुकान से नहीं, अपनी ही बाड़ी से गुलाब तोड़कर देते हैं। इस सादगी में जो अपनापन है, वह शहरों की चकाचौंध से कहीं ज्यादा खूबसूरत लगता है।

रायपुर में सजेगा ‘प्रवासी छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव’: 27-28 मार्च को दुनियाभर के छत्तीसगढ़ी जुटेंगे, विकास की नई राह होगी तैयार

युवा वकीलों के लिए खुशखबरी: अब जूनियर अधिवक्ताओं को मिलेगा सम्मानजनक स्टाइपेंड

रंगों में भी छिपी हैं भावनाएँ

पीले गुलाब खेत में साथ काम करने वाले दोस्तों के बीच दोस्ती का पैगाम बनकर घूमते हैं।गुलाबी फूल अक्सर स्कूल के बैग में दबे मिले जाते हैं—किसी की प्रशंसा, किसी की चुपचाप मोहब्बत का एहसास लेकर। सफेद गुलाब आज गाँव की गलियों में नई शुरुआत और सादगी भरी नीयत का प्रतीक बने हुए हैं।

AI और आधुनिक हुनर से लैस होगा युवा भारत: 5 लाख से अधिक छात्रों ने सीखी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 1.64 करोड़ युवाओं को मिला ‘स्किल इंडिया’ का प्रमाणपत्र ,’PM सेतु’ योजना से संवरेगा 1000 ITI का भविष्य

अब टॉपर्स और शिक्षक करेंगे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण

महँगाई नहीं रोक पाई गाँव की मोहब्बत

गुलाब शहर की तरह महँगे यहाँ भी हुए हैं, लेकिन गाँव का दिल आज भी कंजूसी नहीं करता।चाय दुकानों पर बैठे बुजुर्ग मुस्कुराकर कहते हैं—“अरे, प्यार का दिन है, गुलाब तो देना ही चाहिए।”दुकानदार बताते हैं कि आज फूलों की बिक्री दोगुनी हो जाती है। कई बच्चे अपनी बचत की छोटी-सी पोटली खोलकर एक-एक गुलाब खरीदते हैं और अपने प्रिय लोगों को देते हैं।

अब पूरी से प्रयागराज को जोड़ने की तैयारी: रेल की पटरियों के बिछने पर सरगुजा बनेगा देश की नई व्यापारिक और आध्यात्मिक धुरी”, बदलेगी तकदीर…

जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला प्रतिष्ठित ‘ग्रीन लीफ अवॉर्ड’

डिजिटल गाँव में भी गुलाबों की बारिश

अब गाँव भी स्मार्टफोन की रोशनी में चमकता है। आज वॉट्सऐप स्टेटस, फेसबुक स्टोरी और इंस्टाग्राम रील पर गुलाबों की बरसात हो रही है।दूर कमाने गए युवा भी वीडियो कॉल पर अपने घर वालों को रोज डे की शुभकामनाएँ भेज रहे हैं।

आस्था का संगम: फरवरी में होगी शिव की साधना, रमजान की इबादत और लेंट का उपवास

तैयार रखें दस्तावेज: निजी स्कूलों की 25% सीटों पर 16 फरवरी से मिलेगी एंट्री

गाँव में भी गुलज़ार हुई मोहब्बत

रोज डे आज गाँव के दिलों में भी वही एहसास जगाता है जो शहरों की बड़ी सड़कों पर दिखता है. जो कि सादगी में लिपटा, मिट्टी की सुगंध में भीगा और दिल की गहराई से निकला हुआ प्यार है।गाँव की वही पुरानी हवा आज गुलाब की महक से भर उठी है, और हर गली, हर चौपाल, हर खेत कह रहा है.
मोहब्बत की खुशबू शहर–गाँव सब पर बराबर बरसती है।

जिरहुल: छोटानागपुर का ‘गुलाबी सोना’; स्वाद और सेहत की इस अनमोल विरासत को सहेजने की दरकार

“जैव विविधता नियमों में बड़ा बदलाव: औषधीय पौधों के लिए लॉन्च हुआ नया डिजिटल प्लेटफॉर्म, ABS प्रक्रिया हुई पेपरलेस”

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version