”बेखुदी का वन-शॉट: कुदरती जाम में डूबी हवाएँ और दरख्तों का इश्किया मिजाज”
रायपुर | 26 फरवरी, 2026
छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी का जाल अब इतना गहरा हो चुका है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई सुरक्षित नहीं रह गई है। पिछले 6 सालों के भीतर प्रदेश में डिजिटल डकैती का एक ऐसा डरावना मंजर सामने आया है, जहाँ ठगों ने प्रदेशवासियों की जेब से 306.61 करोड़ रुपये पार कर दिए।
विधानसभा में पेश किए गए ये आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराधी अब केवल अनजान लोग नहीं, बल्कि बैंकों के भीतर बैठे वे कर्मचारी भी हैं जिन पर हम भरोसा करते हैं। पुलिस ने इस महालूट में शामिल 10 बैंक कर्मियों को गिरफ्तार कर इस ‘सफेदपोश’ साजिश का पर्दाफाश किया है।
इस डिजिटल लूट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2019 से अब तक ऑनलाइन ठगी के 3,128 मामले और दहशत फैलाने वाले ‘डिजिटल अरेस्ट’ के 31 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार ने सदन में स्वीकार किया कि अपराधी अब बैंक अधिकारियों के साथ साठगांठ कर ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पैसों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से अब तक 1,776 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है, जिनमें से 1,073 गिरफ्तारियां तो हाल के महीनों में ही हुई हैं।
बड़ी खबर: 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर ‘कैश’ बंद! अब केवल डिजिटल भुगतान से ही चलेगा काम
राहत की बात यह है कि साइबर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ठगों के विभिन्न बैंक खातों में करीब 85.60 करोड़ रुपये होल्ड (फ्रीज) करवा दिए हैं। लेकिन कानूनी पेचीदगियों और अदालती आदेशों के इंतजार के चलते अब तक पीड़ितों की झोली में मात्र 11.20 करोड़ रुपये ही वापस लौट पाए हैं।बाकी रकम की वापसी के लिए न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है।
अब ग्रामीण खुद संभालेंगे अपनी जल व्यवस्था:मार्च में मनेगा ‘जल महोत्सव’
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए गृह विभाग अब RBI और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के साथ मिलकर हर महीने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी कर रहा है।
बैंकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध खातों की कड़ी जांच (EDD) करें और केवाईसी प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतें। जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल से न डरें और ठगी का शिकार होते ही ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर 1930 पर कॉल करें, क्योंकि यही वह समय है जब आपके डूबे हुए पैसे वापस आने की उम्मीद सबसे ज्यादा होती है।

