रायपुर: स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए बिजली वितरण कंपनी ने साफ कर दिया है कि जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
कंपनी के अनुसार, इससे बिजली खपत की सटीक निगरानी और पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित होगी। कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकेंगे और भविष्य में समय आधारित बिजली दर का लाभ लेकर कम दर वाले समय में बिजली का उपयोग बढ़ाकर बिल घटा सकेंगे। वहीं, वितरण कंपनी को भी खपत का सही लेखा-जोखा रखने में सहायता मिलेगी।
दूसरी ओर, हाल ही में सामने आए बैकुंठपुर प्रकरण को लेकर कंपनी ने दावा किया है कि तकनीकी जांच में स्मार्ट मीटर की रीडिंग बिल्कुल सही पाई गई है। जांच में 27 जुलाई से 7 अगस्त के बीच स्मार्ट मीटर की खपत 302 यूनिट और चेक मीटर की 303 यूनिट मिली, जिसमें केवल एक यूनिट का अंतर रहा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि चेक मीटर की मैनुअल रीडिंग में मानवीय त्रुटि की संभावना रहती है, जबकि स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वतः दर्ज होती है। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।























