देश भर के बुजुर्गों की सुरक्षा, कल्याण और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने एक बड़ी डिजिटल पहल की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘जीवन’ (ज्वाइंट इम्पावरमेंट एंड वर्चुअल असिस्टेंस नेटवर्क) मोबाइल एप्लिकेशन और ‘शतायु’ (सीनियर होलिस्टिक केयर असिस्टेंस एंड ट्रेनिंग फॉर योर यूटिलिटी) जेरियाट्रिक केयरगिवर डैशबोर्ड को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है। इस तकनीक-आधारित पहल का मुख्य उद्देश्य देश में वृद्धावस्था देखभाल के लिए एक मजबूत और सुलभ इकोसिस्टम तैयार करना है।
‘जीवन’ ऐप से मिलेगी आपातकालीन सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी
‘जीवन’ मोबाइल एप्लिकेशन को विशेष रूप से बुजुर्ग उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर बेहद सरल इंटरफेस और आसान नेविगेशन के साथ डिजाइन किया गया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक समावेश और सुरक्षा को बढ़ावा देगा। इस ऐप के माध्यम से बुजुर्गों को केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, आपातकालीन सहायता और मंत्रालय द्वारा समर्थित वरिष्ठ नागरिक आवासों (ओल्ड एज होम्स) का पूरा विवरण एक ही जगह पर मिल सकेगा।
‘शतायु’ डैशबोर्ड से आसान होगी केयरगिवर (देखभालकर्ताओं) की तलाश
‘एक सुचारू रूप से कार्य करने वाली देखभाल अर्थव्यवस्था का निर्माण’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान ‘शतायु’ डैशबोर्ड को भी लॉन्च किया गया। यह प्लेटफॉर्म देश में केयर इकोनॉमी को मजबूत करने में मदद करेगा। इस डैशबोर्ड के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने विशेष जिले या राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए उपलब्ध पेशेवर वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं (केयरगिवर्स) की उपलब्धता की सटीक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है, जिससे बुजुर्गों को समय पर सही स्वास्थ्य और व्यक्तिगत देखभाल मिल सकेगी।

