लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले में रेल सुविधाओं के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर उम्मीदें एक बार फिर परवान चढ़ने लगी हैं। हाल ही में दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची मंडल के डीआरएम (DRM) करुणानिधि सिंह ने अधिकारियों की एक टीम के साथ विशेष ट्रेन से लोहरदगा रेलवे स्टेशन का दौरा किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरे के दौरान मुख्य रूप से धरमजयगढ़-गुमला-लोहरदगा रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिससे इस क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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धरमजयगढ़-गुमला-लोहरदगा रेल लाइन है रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता
लोहरदगा दौरे के दौरान डीआरएम करुणानिधि सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल धरमजयगढ़-गुमला-लोहरदगा रेल लाइन का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराना रेलवे की पहली प्राथमिकता है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से लोहरदगा और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों का अन्य महत्वपूर्ण शहरों से सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हो सकेगा। इस रूट के पूरा होने के बाद आगे चलकर रेल मार्गों के दोहरीकरण (Doubling) की दिशा में भी कदम बढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही, रांची रेलखंड के अंतर्गत अन्य हिस्सों में भी दोहरीकरण के लिए सर्वे और डीपीआर (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
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स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का जायजा
डीआरएम ने अपने निरीक्षण के दौरान लोहरदगा रेलवे स्टेशन परिसर, प्रतीक्षालय (Waiting Room), टिकट काउंटर, दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई और रेलवे फुट ओवरब्रिज का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुख-सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए और व्यवस्थाओं को हमेशा दुरुस्त रखा जाए। डीआरएम ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले दो वर्षों में लोहरदगा रेलवे स्टेशन की बुनियादी संरचना और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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मेमू पैसेंजर में बोगियां बढ़ाने और नई ट्रेनों पर चर्चा
यात्रियों द्वारा लोहरदगा मेमू पैसेंजर ट्रेन में अतिरिक्त बोगियां जोड़े जाने की मांग पर डीआरएम ने स्पष्ट किया कि ट्रेनों में बोगियों की संख्या का आकलन पूरी तरह से टिकट बिक्री के आंकड़ों पर निर्भर करता है। उन्होंने क्षेत्र के यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा टिकट खरीदकर ही यात्रा करें, ताकि रेलवे के पास वास्तविक यात्री संख्या का सही आकलन पहुंच सके और तदनुसार निर्णय लिया जा सके।
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उन्होंने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र की भौगोलिक और आवागमन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे के पास कई नए प्रस्ताव भेजे गए हैं। नई ट्रेनों के परिचालन से लोहरदगा का दूसरे शहरों के साथ संपर्क और बेहतर होने की संभावना है, हालांकि अभी आधिकारिक रूप से नई ट्रेनों या अतिरिक्त बोगियों के परिचालन को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की गई है।
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यात्रियों को अब ठोस घोषणाओं का इंतजार
डीआरएम के इस दौरे और धरमजयगढ़-गुमला-लोहरदगा रेल लाइन को लेकर मिले सकारात्मक संकेतों से स्थानीय लोगों और यात्रियों में उत्साह है। अब देखना यह है कि लंबित रेल परियोजनाओं के पूरा होने, मेमू ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगने और नए प्रस्तावों पर रेलवे प्रशासन कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है।


