जशपुर/रायपुर | दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम हो, तो सफलता के रास्ते खुद-ब-खुद बनते चले जाते हैं। इस बात को जशपुर की होनहार बेटी प्राची जैन काला ने सच कर दिखाया है। प्राची ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) जैसी कठिन परीक्षा के दोनों ग्रुप पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार का सिर गर्व से ऊँचा किया है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।
प्रतिष्ठित परिवार से हैं प्राची
मूलतः जशपुर के प्रतिष्ठित काला परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्राची, जशपुर के प्रसिद्ध व्यवसायी रहे स्व. प्रभुदयाल जी काला (महावीर भंडार) की सुपौत्री हैं। उनके पिता दिनेश काला और माता ज्योति काला हैं। फिलहाल प्राची का परिवार रायपुर के फाफाडीह में निवासरत है, जहाँ से उन्होंने अपनी यह उपलब्धि हासिल की है।
सफलता के पीछे गुरुओं का आशीर्वाद और माता-पिता का संबल
अपनी इस शानदार कामयाबी पर प्राची बेहद विनम्र नजर आईं। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज और पूज्य मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज के आशीर्वाद को दिया है। प्राची कहती हैं कि संतों का मार्गदर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा संबल रहा है।

उन्होंने भावुक होते हुए अपनी सफलता का आधार अपने माता-पिता को बताया। प्राची के शब्दों में, “मेरी माँ ज्योति काला और पिता दिनेश काला का त्याग और अटूट विश्वास ही है, जिसकी बदौलत मैं आज इस मुकाम पर हूँ। उन्होंने हर कठिन परिस्थिति में मुझे न केवल प्रोत्साहित किया, बल्कि आगे बढ़ने की ताकत दी।” इसके साथ ही उन्होंने अपने पूरे परिवार—बुआ, फूफा, चाचा-चाची और भाई-बहनों—के निरंतर समर्थन को अपनी जीत का अहम हिस्सा माना है।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
प्राची की यह उपलब्धि उन तमाम युवाओं के लिए एक संदेश है जो सीए या किसी भी बड़े लक्ष्य को पाने का सपना देखते हैं। उनकी सफलता साबित करती है कि यदि सही दिशा में निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास हो, तो किसी भी कठिन लक्ष्य को पहले ही प्रयास में हासिल किया जा सकता है।
प्राची के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर जशपुर और रायपुर के समाजजनों तथा उनके शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।























