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ACB की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने सुनाई थी 3 वर्ष के कारावास की सजा; जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया पदच्युति का आदेश
रामानुजगंज / बलरामपुर (10 अगस्त 2026): रिश्वतखोरी के मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्ध ठहराए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज ने कड़ा कदम उठाया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंजनि (विकासखण्ड वाड्रफनगर) में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी श्री गौतम सिंह आयम को शासकीय सेवा से बर्खास्त (पदच्युत) कर दिया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।


12,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था आरोपी
प्रकरण के अनुसार, आरोपी गौतम सिंह आयम द्वारा प्रार्थी नितेश रंजन पटेल से एरियर्स भुगतान (₹20,000) करने के एवज में ₹12,000 की रिश्वत राशि की माँग की गई थी। दिनांक 13 अगस्त 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) रायपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 12,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया था। जेल निरुद्ध रहने के कारण कलेक्टर बलरामपुर द्वारा उन्हें 21 अगस्त 2024 को निलंबित कर दिया गया था।
अदालत ने सुनाई 3 वर्ष की कठोर कारावास की सजा
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा विशेष आपराधिक प्रकरण में 15 मई 2026 को अंतिम निर्णय पारित किया गया। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गौतम सिंह आयम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत दोषी पाया और निम्नलिखित सजा सुनाई:
- सजा: 03 वर्ष का कठोर कारावास
- अर्थदण्ड: ₹10,000/- (अर्थदण्ड न अदा करने पर 01 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास)
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सेवा से बर्खास्तगी का आदेश
न्यायालयीन निर्णय और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-10 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी ने गौतम सिंह आयम को न्यायालय के निर्णय दिनांक 15 मई 2026 से ही शासकीय सेवा से बर्खास्त (पदच्युत) कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर नैतिक पतन के मामले में लोकहित और प्रशासनिक निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

