रायपुर:
भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आस्था और जनआकांक्षाओं को पूरा करने का सशक्त जरिया बन चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के जरिए अब तक प्रदेश भर के 50,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। योजना के तहत श्रद्धालुओं के आवागमन, आवास, भोजन और प्राथमिक चिकित्सा का संपूर्ण खर्च छत्तीसगढ़ शासन वहन कर रहा है, जिससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और बुजुर्गों को जीवन में एक बार अयोध्या और काशी विश्वनाथ धाम की निःशुल्क तीर्थयात्रा का सुअवसर मिल रहा है।
रायपुर और बिलासपुर से रवाना हुए विशेष जत्थे, गूंजे जयकारे
5 मार्च 2024 को रायपुर संभाग से शुरू हुई इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष करीब 20 हजार नागरिकों को तीर्थयात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया है। आईआरसीटीसी (IRCTC) के समन्वय से संचालित विशेष ट्रेनों के जरिए लगातार जत्थों को रवाना किया जा रहा है:
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बिलासपुर संभाग: 21 अक्टूबर को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन रवाना हुई। इस अवसर पर सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक धरमलाल कौशिक और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
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रायपुर संभाग: इससे पहले रायपुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं का जत्था कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में रवाना किया गया था, जहां पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से भक्तिमय नजर आया।
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जशपुर जिला: जिले से अब तक 3,062 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 16वें चरण में 204 श्रद्धालुओं के नए जत्थे को बस से रवाना किया गया।
‘सपना हुआ साकार’: बुजुर्गों के छलके खुशी के आंसू
निःशुल्क तीर्थयात्रा से उन जरूरतमंद बुजुर्गों की मनोकामना पूरी हो रही है, जो संसाधनों के अभाव में कभी तीर्थों तक नहीं पहुंच सके:
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कबीरधाम जिले के ग्राम खारा निवासी 69 वर्षीय शोभनाथ सोनवानी ने बताया कि साधनहीनता के चलते अयोध्या और काशी जाना उनका वर्षों पुराना अधूरा सपना था, जो इस योजना की बदौलत सहज और सम्मानजनक व्यवस्था के साथ पूरा हुआ।
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ग्राम बबई (कबीरधाम) के डोमन साहू और उनकी पत्नी पार्वती साहू ने भी 71 श्रद्धालुओं के दल के साथ यात्रा पूरी की। दंपती ने कहा कि भोजन, चाय-नाश्ते, स्वास्थ्य जांच और स्थानीय भ्रमण की मुफ्त व्यवस्था ने उनके जीवन की सबसे बड़ी अभिलाषा पूरी कर दी।
क्या सुविधाएं दे रही है सरकार?
चयनित श्रद्धालुओं को घर के नजदीकी रेलवे स्टेशन तक लाने-ले जाने के लिए बसों और फिर विशेष ट्रेनों की सुविधा दी जाती है। यात्रा के दौरान:
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ठहरने के लिए सुरक्षित आवास व धर्मशालाएं।
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गुणवत्तापूर्ण नाश्ता व दोनों समय का भोजन।
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दर्शन स्थलों तक स्थानीय परिवहन की सुविधा।
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डॉक्टरों की टीम द्वारा ऑन-बोर्ड चिकित्सकीय सहायता।
कौन हैं पात्र? जानिए नियम और शर्तें
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मूल निवास व आयु: आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 75 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। प्राथमिक चरण में 55 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग को प्राथमिकता दी जा रही है।
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कोटा व अवसर: कुल स्वीकृत यात्रियों में 75 प्रतिशत कोटा ग्रामीण क्षेत्रों और 25 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों के लिए निर्धारित है। जीवनकाल में केवल एक बार इस योजना का लाभ मिलेगा।
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सरकारी सेवक अपात्र: शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मियों को इससे बाहर रखा गया है।
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सहायक की सुविधा: 65 वर्ष से अधिक उम्र के अकेले सफर करने वाले पात्र बुजुर्गों के साथ नियमानुसार एक अटेंडेंट (सहायक) ले जाने की छूट का प्रावधान है। यात्रा से पूर्व निर्धारित मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य है।


