नई दिल्ली: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने देश की प्राकृतिक संपदा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक नया ज्ञान संसाधन ‘एनविस्टैट्स इंडिया: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 2026’ लॉन्च किया है। यह वार्षिक रिपोर्ट भारत में पर्यावरण की वर्तमान स्थिति, जलवायु परिवर्तन के आंकड़ों और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग की एक विस्तृत और संरचित समझ प्रदान करती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण-आर्थिक लेखा प्रणाली (SEEA) जैसे जटिल सांख्यिकीय ढांचों को सरल बनाकर नीति निर्माताओं और आम जनता तक पहुँचाना है, ताकि देश की ‘प्राकृतिक पूंजी’ का सही मूल्यांकन किया जा सके।
इस वर्ष के प्रकाशन में कई अभिनव प्रयोग किए गए हैं, जिसमें पहली बार वन लेखांकन के साथ-साथ परागण (Pollination) जैसी आवश्यक प्राकृतिक प्रक्रियाओं के आर्थिक महत्व को भी रेखांकित किया गया है। यह रिपोर्ट वैश्विक राष्ट्रीय लेखा प्रणाली (SNA) 2025 के नवीनतम मानकों के अनुरूप तैयार की गई है, जो यह दर्शाती है कि भारत पर्यावरण सांख्यिकी के मामले में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रिपोर्ट के दायरे में जैव विविधता, मिट्टी की सेहत, खनिज, ऊर्जा, महासागर और जल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जो एक एकीकृत डेटा प्रणाली के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
मंत्रालय की यह पहल साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि यह आर्थिक नियोजन में पर्यावरणीय पहलुओं को सीधे तौर पर जोड़ने का काम करती है। यह केवल एक सूचनात्मक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि शोधकर्ताओं और सांख्यिकीविदों के लिए एक क्षमता निर्माण उपकरण भी है। जटिल मॉडलों जैसे ARIES और InVEST की व्याख्या के माध्यम से यह समझाया गया है कि कैसे प्राकृतिक संसाधनों में होने वाले बदलावों की निगरानी की जा सकती है। पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के इस अनूठे संगम पर आधारित यह पूरी रिपोर्ट मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट www.mospi.gov.in पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गई है।

