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नई दिल्ली, 25 मई 2026:
देशभर में आम जनता के बजट पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ आ पड़ा है। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है, जिसकी नई दरें आज यानी 25 मई 2026 से देशभर में प्रभावी हो गई हैं। इस बार तेल कंपनियों ने पेट्रोल में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर तक की औसत बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम आसमान छूने के कारण मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना वाहन से सफर करने वालों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है। इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस नई बढ़ोतरी के बाद आपके शहर में तेल का गणित कैसे बदल गया है और इस फैसले से पहले आप किस कीमत पर ईंधन खरीद रहे थे।
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पेट्रोल की बात करें तो इस बार सबसे बड़ी मार कोलकाता के उपभोक्ताओं पर पड़ी है, जहाँ पेट्रोल के दाम में ₹2.87 की सबसे भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस उछाल के बाद कोलकाता में पेट्रोल ₹110.64 से बढ़कर अब ₹113.51 प्रति लीटर के स्तर पर पहुँच गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी पेट्रोल ₹2.72 महंगा हो गया है, जिससे वहां पुरानी कीमत ₹108.49 के मुकाबले अब नई कीमत ₹111.21 प्रति लीटर हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों ने एक बार फिर ₹100 का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार कर लिया है; यहाँ ₹2.61 की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल ₹99.51 से बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, चेन्नई में पेट्रोल के दाम में ₹2.46 का इजाफा हुआ है, जिसके बाद यहाँ नई कीमत ₹105.31 से बढ़कर ₹107.77 प्रति लीटर दर्ज की गई है।
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दूसरी ओर, डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं दोनों को संकट में डाल दिया है। मुंबई में डीजल के दामों में ₹2.81 प्रति लीटर की सबसे बड़ी वृद्धि की गई है, जिससे यहाँ की कीमत ₹95.02 से सीधे ₹97.83 प्रति लीटर पर पहुँच गई है। कोलकाता में भी डीजल के दाम में ₹2.80 का बड़ा उछाल आया है और अब यहाँ उपभोक्ताओं को ₹97.02 के बजाय ₹99.82 प्रति लीटर का भुगतान करना होगा, जो कि ₹100 के बेहद करीब है। दिल्ली में भी डीजल प्रेमियों को राहत नहीं मिली है; यहाँ ₹2.71 की बढ़त के साथ डीजल का दाम ₹92.49 से बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर हो गया है।
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ईंधन की कीमतों में हुए इस अचानक बदलाव का सीधा और खतरनाक असर देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ने की पूरी आशंका है। चूंकि देश में सत्तर प्रतिशत से अधिक माल की ढुलाई ट्रकों और भारी वाहनों के जरिए होती है जो पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं, इसलिए डीजल के महंगे होते ही ट्रांसपोर्टर्स द्वारा माल भाड़ा बढ़ाना लगभग तय माना जा रहा है। ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ते ही आने वाले दिनों में मंडियों में आने वाले फल, सब्जियां, दूध, राशन और अन्य रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। इसके साथ ही, रोजाना ऑफिस या काम के सिलसिले में अपनी बाइक या कार का इस्तेमाल करने वाले लोगों का मासिक बजट भी दस से पंद्रह प्रतिशत तक बढ़ जाएगा, जिससे उनकी बचत कम होगी और घरेलू खर्चों का संतुलन बिगड़ जाएगा। तेल कंपनियों का यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब बाजार में पहले से ही अन्य चीजों के दाम बढ़े हुए हैं, ऐसे में 25 मई से लागू हुईं ये नई दरें आने वाले दिनों में चौतरफा महंगाई का बड़ा कारण बन सकती हैं

