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रायपुर:
छत्तीसगढ़ के अदम्य प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध ट्राइबल कल्चर (जनजातीय परंपराओं) को अब सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Level) पर एक बड़ा ग्लोबल ब्रांड बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में एक बहुत ही महत्वपूर्ण हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग (उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक) आयोजित की गई। इस बैठक का पूरा फोकस इसी बात पर था कि कैसे छत्तीसगढ़ को इंडिया का सबसे पसंदीदा टूरिज्म हब बनाया जाए और राज्य की लोककला व संस्कृति को मॉडर्न टच देकर नई जनरेशन से जोड़ा जाए। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अफसरों को दो टूक लहजे में हिदायत दी कि अब फाइलों में सुस्ती नहीं चलेगी; पर्यटन और संस्कृति विभाग की जितनी भी योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हैं, उन्हें पूरी पारदर्शिता और हाई क्वालिटी के साथ ‘डेडलाइन’ (निर्धारित समय-सीमा) के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
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इस बैठक का सबसे नया और बड़ा विजन छत्तीसगढ़ को एक ‘कम्प्लीट टूरिज्म पैकेज’ के रूप में दुनिया के सामने पेश करना है। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी (प्रबंध संचालक) श्री विवेक आचार्य ने पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन की मौजूदगी में एक शानदार प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें नए टूरिस्ट स्पॉट्स के योजनाबद्ध विकास और वहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का पूरा रोडमैप दिखाया गया। इसके साथ ही, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने लोक कलाकारों को बढ़ावा देने, म्यूजियम्स (संग्रहालयों) को अपग्रेड करने और राज्य के ऐतिहासिक व पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण की आगामी कार्ययोजना पेश की। मंत्री ने साफ निर्देश दिए कि छत्तीसगढ़ के पास चित्रकोट जैसे वॉटरफॉल्स, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक जगहें और बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपराएं हैं; इन सभी आस्था केंद्रों और प्राकृतिक नजारों का राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर अग्रेसिव प्रमोशन (प्रचार-प्रसार) किया जाए।
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टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस बार साय सरकार का पूरा जोर ‘जनभागीदारी’ पर है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि जितने भी सांस्कृतिक आयोजन और पारंपरिक कला रूप हैं, उन्हें आम जनता और युवाओं से सीधे कनेक्ट किया जाए, ताकि हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास को भूलने के बजाय उससे गर्व से जुड़ सके। लेट-लतीफी को पूरी तरह खत्म करने के लिए सभी प्रोजेक्ट्स की रेगुलर मॉनिटरिंग और सतत समीक्षा करने की बात कही गई है। इस बेहद महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी (Result-Oriented) बैठक में पर्यटन विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, पर्यटन मंडल की डिप्टी जीएम श्रीमती पूनम शर्मा सहित दोनों विभागों के कई सीनियर ऑफिसर्स मौजूद रहे, जो छत्तीसगढ़ टूरिज्म की इस नई उड़ान के गवाह बने।

