दुर्ग जिले में पुलिस ने एक हफ्ते के भीतर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 180 आरोपियों को जेल भेजा है। इनमें 38 आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया, जबकि 104 मामलों में 142 आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। यह अभियान उन लोगों पर केंद्रित था जो खुलेआम धारदार हथियार लेकर लोगों को डराते-धमकाते थे या फिर इलाके में अशांति फैला रहे थे।
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धारदार हथियार लेकर घूमने वालों पर शिकंजा
सिर्फ एक सप्ताह में दुर्ग पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 38 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें थाना सुपेला से 13, पद्मनाभपुर से 4, दुर्ग, मोहन नगर, वैशाली नगर और खुर्सीपार से 3-3, भिलाई नगर और छावनी से 2-2, तथा जामुल, अंडा, रानीतराई, अमलेश्वर और नंदिनी नगर से 1-1 आरोपी शामिल हैं। सभी के पास से धारदार हथियार जब्त कर धारा 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेजा गया।
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अशांति फैलाने वालों पर भी कार्रवाई
हथियारबंद अपराधियों के साथ-साथ पुलिस ने उन तत्वों पर भी नकेल कसी जो झगड़े भड़काने या अपराध की साजिश में शामिल थे। बीते सप्ताह में 104 मामलों में कुल 142 लोगों को धारा 170 बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया। इनमें पुलगांव से 27, उतई से 16, नेवई से 12, अंजोरा से 12, नंदिनी नगर से 7, भिलाई नगर से 9 और कई थाना क्षेत्रों से अन्य आरोपी शामिल हैं।
एसपी ने दिए कड़े निर्देश
दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो ताकि जिले में शांति और सुरक्षा कायम रहे। पुलिस ने साफ कहा है कि अपराधियों के लिए अब दुर्ग में कोई जगह नहीं। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।























