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जशपुर
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन को लेकर जशपुर जिले सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रपति 30 दिसंबर 2025 को झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित मंझाटोली में आयोजित होने वाले अंतर्राज्यीय जन सांस्कृतिक समागम सह कार्तिक जतरा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। तय कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति का आगमन जशपुर जिले के आगडीह हवाई अड्डे पर होगा जहां से वे सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल के लिए प्रस्थान करेंगी।
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राष्ट्रपति के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा आगडीह हवाई अड्डे का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर साफ सफाई रोड मार्किंग पार्किंग व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सेफ हाउस की व्यवस्था तथा मार्ग के दोनों ओर अनावश्यक झाड़ियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक प्रबंधन भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राष्ट्रपति का आगमन और प्रस्थान पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
उल्लेखनीय है कि गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित मंझाटोली बैरियर बगीचा शंख मोड़ में 28 और 29 दिसंबर को दो दिवसीय अंतर्राज्यीय जन सांस्कृतिक समागम सह कार्तिक जतरा का आयोजन किया जाएगा। 30 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त होगा। इस आयोजन में झारखंड छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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पंखराज साहेब कार्तिक उरांव आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय निर्माण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आयोजन को लेकर शुक्रवार को परिसदन में आयोजन समिति द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा कि लगभग 15 वर्षों के निरंतर प्रयास के बाद यह ऐतिहासिक अवसर आया है जब देश की प्रथम नागरिक इस जन सांस्कृतिक जतरा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय कार्तिक उरांव के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2010 से लगातार जन सांस्कृतिक जतरा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और संवर्द्धन करना है।
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तीन राज्यों का सीमांत क्षेत्र है कार्यक्रम स्थल
आयोजन समिति ने बताया कि मंझाटोली का यह स्थल झारखंड छत्तीसगढ़ और ओडिशा तीनों राज्यों का सीमांत क्षेत्र है जिससे इस आयोजन का अंतर्राज्यीय महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस वर्ष के कार्यक्रम में झारखंड छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्री के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है।
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आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय की लंबे समय से मांग
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इसी स्थल पर आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है। यह आयोजन उस मांग को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का निर्माण लगभग ढाई हजार एकड़ भूमि पर किए जाने की योजना है।
बताया गया कि 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में तीनों राज्यों से लगभग एक हजार खोड़हा दल भाग लेंगे जबकि 30 दिसंबर को एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटने का अनुमान है। उसी अनुरूप प्रशासनिक और आयोजन स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन समिति ने यह भी उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति के आगमन के बाद आगामी वर्ष प्रधानमंत्री को भी इस ऐतिहासिक आयोजन में आमंत्रित किया जाएगा।
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