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**रायपुर।** छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और अधिकारियों की दक्षता संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के ‘iGot कर्मयोगी’ पोर्टल पर शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने हेतु SCERT द्वारा एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
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इस ऑनलाइन बैठक में राज्य के सभी बीईओ, एबीईओ, संकुल समन्वयक और प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों का पंजीकरण आगामी 25 अप्रैल तक हर हाल में पूर्ण कर लें।
वेबिनार के दौरान अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति साझा करते हुए बताया कि विभाग में लगभग 1 लाख 92 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से अब तक मात्र 23 हजार के आसपास ही ऑनबोर्डिंग हो पाई है। पिछले दिनों पोर्टल पर आई तकनीकी समस्याओं के निराकरण के बाद अब इस प्रक्रिया को मिशन मोड पर चलाने का निर्णय लिया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण का आंकड़ा 90 प्रतिशत से ऊपर ले जाया जाए।
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पंजीकरण की प्रक्रिया और समाधान
तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि पंजीकरण की गति बढ़ाने के लिए ‘बल्क अपलोड’ विकल्प का उपयोग करना सबसे प्रभावी होगा।
अधिकारियों को सुझाव दिया गया है कि वे पूरे ब्लॉक का डाटा एक साथ डालने के बजाय स्कूल-वार एक्सेल शीट तैयार करें और उसे पोर्टल पर अपलोड करें। इससे त्रुटियों की पहचान करने और उन्हें सुधारने में आसानी होगी। यदि किसी कर्मचारी का सटीक पदनाम पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, तो उससे मिलते-जुलते पद का चयन कर प्राथमिक पंजीकरण किया जा सकता है, जिसे बाद में प्रोफाइल अपडेट के माध्यम से सुधारा जा सकेगा।
लॉगिन और प्रशिक्षण पर जोर
वेबिनार में दिल्ली से जुड़ी कर्मयोगी भारत टीम की प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि पहली बार पोर्टल का उपयोग करने वाले शिक्षक ‘मोबाइल ओटीपी’ के माध्यम से आसानी से लॉगिन कर सकते हैं। पंजीकरण के पश्चात शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साधना सप्ताह के तहत निर्धारित पाठ्यक्रमों को पूर्ण करना अनिवार्य होगा, ताकि वे आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत हो सकें।
निगरानी और सहयोग
इस अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर प्रोग्रामर्स को जिम्मेदारी दी गई है। राज्य कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बलोदा बाजार जैसे जिलों ने बेहतर तालमेल से 80 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण है।
किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा आने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीधे राज्य स्तरीय तकनीकी टीम से संपर्क कर सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस पोर्टल से जुड़ने के बाद छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध होंगे, जिसका सीधा लाभ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा।

