अम्बिकापुर:
अम्बिकापुर वरिष्ठ कोषालय (Treasure) अधिकारी ने जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDOs) को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोषालय में प्रस्तुत किए जाने वाले देयकों (Bills) के साथ ‘भुगतान स्वीकृति आदेश’ और ‘क्रय स्वीकृति आदेश’ संलग्न करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने वाले विभागों के बिलों को कोषालय द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महालेखाकार रायपुर ने जताई थी आपत्ति
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने बताया कि महालेखाकार (AG Office) रायपुर द्वारा ऐसे सभी प्रकार के बिलों पर गंभीर आपत्ति जताई गई थी, जिनमें कार्यालयों द्वारा भुगतान स्वीकृति और क्रय संबंधी मामलों में क्रय स्वीकृति आदेश संलग्न नहीं थे। इस आपत्ति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई विभागों द्वारा त्रुटिपूर्ण प्रारूप (Format) में ये आदेश संलग्न किए जा रहे थे।
वेतन देयकों को छोड़कर सभी बिलों पर नियम लागू
कोषालय द्वारा जारी नए और सख्त निर्देशों की मुख्य बातें:
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वेतन देयकों में छूट: वेतन (Salary Bills) से संबंधित देयकों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के देयकों (Non-Salary Bills) के साथ यह आदेश अनिवार्य रूप से लगाना होगा।
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निर्धारित प्रारूप ही मान्य: क्रय और भुगतान स्वीकृति आदेश केवल शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार ही मान्य किए जाएंगे। त्रुटिपूर्ण या अधूरे फॉर्मैट वाले बिल निरस्त कर दिए जाएंगे।
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भुगतान में आएगी रुकावट: बिना वैध स्वीकृति आदेश के कोई भी बिल भुगतान के लिए स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने सभी विभाग प्रमुखों और DDOs से अपील की है कि वे प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करते हुए सही प्रारूप में ही बिल प्रस्तुत करें ताकि भुगतान प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।

