22-23 सितंबर को डोरंडा में सजेगी उर्स की महफिल, जायरीनों के लिए चलेगा लंगर-ए-गौसिया
खानकाह मजहरिया मुनअमिया में उर्स-ए-गौसुल आजम की तैयारी तेज, देशभर से पहुंचेंगे अकीदतमंद
रांची : ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर डोरंडा स्थित खानकाह मजहरिया मुनअमिया, फिरदौस नगर, मनिटोला में 22 एवं 23 सितंबर 2026 को दो दिवसीय उर्स-ए-गौसुल आजम का आयोजन किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उर्स को लेकर खानकाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। खानकाह एवं आसपास के इलाकों को आकर्षक ढंग से सजाने-संवारने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उर्स का आयोजन खानकाह के सज्जादानशीन अल्हाज सैय्यद शाह अल्कमा शिब्ली कादरी की जानिब से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, उर्स में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद और जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है। दो दिनों तक धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महफिल-ए-समा, सूफियाना कव्वाली, फातिहाखानी, मिलाद शरीफ और जलसा-ए-गौसुल आजम का आयोजन होगा। उर्स में आने वाले जायरीनों के लिए लंगर-ए-गौसिया की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने बताया कि दोनों दिनों में अलग-अलग समय पर लंगर तकसीम किया जाएगा। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के साथ वीआईपी एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
22 सितंबर से होगी उर्स की शुरुआत
22 सितंबर, मंगलवार को उर्स की शुरुआत नमाज-ए-फजर के बाद कुरआनखानी एवं परचमकुशाई से होगी। शाम 5 बजे गागर शरीफ का एहतमाम किया जाएगा। रात 7 बजे से फातिहाखानी एवं हल्का-ए-जिक्र होगा। इसके बाद रात 8 से 10 बजे तक महफिल-ए-समा का आयोजन किया जाएगा। इसमें पटना खानकाह से आए कव्वाल सूफियाना कव्वाली पेश करेंगे। रात 10 बजे जायरीनों के लिए लंगर-ए-गौसिया का आयोजन एवं लंगर वितरण किया जाएगा।
23 सितंबर को मिलाद शरीफ और जलसा-ए-गौसुल आजम
23 सितंबर, बुधवार को सुबह 10 बजे से मिलाद शरीफ एवं जलसा-ए-गौसुल आजम का आयोजन होगा। इसमें शहर के कई दानिश्वर एवं आलिम-ए-दीन तकरीर करेंगे। दोपहर 12 बजे से फातिहाखानी एवं महफिल-ए-समा होगी। दोपहर 2 बजे जायरीनों के बीच लंगर तकसीम किया जाएगा।उर्स के अंतिम दिन रात 8 से 10 बजे तक आखिरी कुल, सूफियाना कव्वाली और लंगर वितरण का आयोजन होगा। इसके साथ ही दो दिवसीय उर्स-ए-गौसुल आजम का समापन किया जाएगा। उर्स को लेकर खानकाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।























