सरकारी अमले के लिए 31 अक्टूबर का ‘डेडलाइन प्रेशर’: क्या टाइम पर पूरा होगा टास्क, या लटकेगी रैंकिंग?
रायपुर। दीपावली के त्योहार से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के लाखों राशनकार्डधारियों को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश की उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) से अक्टूबर माह में शक्कर पूरी तरह नदारद है। छत्तीसगढ़ सहकारी शक्कर उत्पादक कारखानों से समय पर आपूर्ति न मिलने के कारण नागरिक आपूर्ति निगम (नान) ने इस महीने के लिए शक्कर का आवंटन ही जारी नहीं किया है। नतीजा यह है कि हितग्राहियों को चावल और नमक तो मिल रहा है, लेकिन त्योहारी सीजन में शक्कर के लिए उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है या खुले बाजार से महंगी दरों पर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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सप्लाई ठप होने की ठोस वजह अफसरों के पास भी नहीं
नागरिक आपूर्ति निगम के रायपुर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सहकारी शक्कर कारखानों से सितंबर माह में भी शक्कर की आपूर्ति नहीं हो पाई थी। इसी बैकलॉग के चलते अक्टूबर महीने का नया आवंटन राशन दुकानों तक पहुंच ही नहीं सका।
हैरानी की बात यह है कि त्योहार के ठीक मुहाने पर सहकारी शक्कर कारखानों से उत्पादन और आपूर्ति अचानक क्यों लड़खड़ाई, इसका स्पष्ट जवाब खाद्य विभाग और नान के आला अधिकारियों के पास भी नहीं है।
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सितंबर का बचा कोटा बंटा, पर अक्टूबर की पर्ची पर नो-एंट्री
खाद्य विभाग के निर्देशानुसार, सितंबर माह में राशन नहीं उठा सके कार्डधारियों के लिए 15 अक्टूबर तक वितरण की विशेष छूट दी गई थी। इस अवधि में जिन लोगों का सितंबर का कोटा बाकी था, उन्हें तो शक्कर मिल गई, लेकिन अक्टूबर महीने के नियमित कोटे की शक्कर का वितरण पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
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क्या नवंबर में मिलेगा दो महीने का डबल कोटा?
राशन दुकान संचालकों के अनुसार, उन्हें विभाग से पहले ही अनौपचारिक संकेत मिल गए थे कि अक्टूबर में शक्कर का भंडारण नहीं होगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि अक्टूबर का वितरण पूरी तरह शून्य रहता है, तो शासन नवंबर माह में दोनों महीनों की शक्कर एकमुश्त दे सकता है। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर शासन स्तर से अभी तक कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
“कारखाने से शक्कर की आपूर्ति नहीं होने के चलते दुकानों में भंडारण नहीं कराया जा सका है। हितग्राहियों को परेशानी न हो, इसके लिए आपूर्ति बहाल करने के लगातार प्रयास जारी हैं। जैसे ही कारखाने से खेप प्राप्त होगी, दुकानों में तुरंत भंडारण करा दिया जाएगा।”
— त्रिनाथ रेड्डी, जिला प्रबंधक (DM), नागरिक आपूर्ति निगम, रायपुर


