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Friday, Apr 04, 2025
चैत्र छठ 2025: : संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Chaitra Chhath 2025: Sandhya Arghya Time & Rituals चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर छठ महापर्व का तीसरा दिन आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन व्रतधारी संध्या अर्घ्य देकर सूर्यदेव की पूजा करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। छठ पर्व का यह विशेष दिन भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी की जाती है।संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त2025 में चैत्र छठ महापर्व के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य का शुभ समय इस प्रकार रहेगा: तारीख: 3 अप्रैल 2025 संध्या अर्घ्य का समय: शाम 5:55 से 6:30 बजे तकपूजा विधि और महत्वनिर्जला व्रत का पालन: छठ महापर्व के इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हैं और संध्या अर्घ्य के लिए तैयार होते हैं।सूर्य पूजा: व्रती जलाशय (तालाब, नदी या घाट) में खड़े होकर बांस की टोकरी में फल, गन्ना, ठेकुआ, और अन्य पारंपरिक प्रसाद अर्पित करते हैं।दीपदान और मंत्र उच्चारण: संध्या अर्घ्य के समय दीप जलाकर सूर्यदेव की स्तुति की जाती है और छठी मईया का आशीर्वाद मांगा जाता है।परिवार की सुख-समृद्धि की कामना: इस व्रत को रखने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सूर्यदेव कृपा बनाए रखते हैं।अगले दिन का महत्वअगले दिन प्रातःकालीन अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन किया जाएगा, जिसे "उषा अर्घ्य" कहा जाता है। यह छठ महापर्व का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है, जब व्रती उगते सूर्य को जल अर्पित करके अपना व्रत पूरा करते हैं।छठ महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति और आस्था का संगम है, जो भक्तों को आत्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करता है।
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